PanchayatElection – जुलाई 2026 तक होंगे पंचायत चुनाव, सरकार का स्पष्ट संकेत
PanchayatElection – प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बनी अनिश्चितता अब खत्म होती नजर आ रही है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने साफ कहा है कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव जुलाई 2026 तक हर हाल में कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा और चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की देरी या बाधा नहीं आने दी जाएगी। इस घोषणा के बाद लंबे समय से चुनाव की तारीखों को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।

तय समयसीमा में ही पूरा होगा चुनाव कार्यक्रम
मंत्री ने बताया कि अलग-अलग पदों का कार्यकाल भले ही अलग समय पर समाप्त हो रहा हो, लेकिन किसी भी प्रतिनिधि का कार्यकाल जुलाई 2026 से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसी समयसीमा को ध्यान में रखते हुए चुनावी कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक अधिकारियों को तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके और किसी तरह का प्रशासनिक शून्य न बने।
आरक्षण व्यवस्था को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट
ओबीसी आरक्षण को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्री राजभर के अनुसार, आगामी कैबिनेट बैठक में पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दी जाएगी। आरक्षण का निर्धारण 2011 की जनगणना के आधार पर ही किया जाएगा और नई गणना कराने की कोई योजना नहीं है। पहले से लागू आरक्षण चक्र को जारी रखा जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आयोग की रिपोर्ट मिलते ही सीटों का आरक्षण तय कर चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी त्योहार पारंपरिक तरीके और आपसी सहयोग के साथ मनाए जाएं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने में किसी तरह की लापरवाही न हो। साथ ही बाइक स्टंट जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए भी सख्ती बरतने को कहा गया है।
जिलों के अधिकारियों को दिए गए विस्तृत निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों में नई परंपराओं की अनुमति नहीं दी जाएगी। नवरात्र, अलविदा की नमाज और ईद-उल-फितर को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने और लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानकों के भीतर रखने को भी कहा गया है।
आपराधिक घटनाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
हाल के दिनों में बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, गाजियाबाद, जालौन, गोरखपुर, आगरा, जौनपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में हुई आपराधिक घटनाओं का भी मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पीआरवी-112 की गश्त बढ़ाने को कहा। साथ ही एलपीजी की कृत्रिम कमी, जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अमेठी में मतपत्र पहुंचे, तैयारियां तेज
पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत अमेठी जिले में मतपत्र पहुंच चुके हैं। यहां कुल 682 ग्राम पंचायतों के लिए 16 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सभी मतपत्रों को पुलिस और पीएसी की निगरानी में स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है। सुरक्षा के लिए डबल लॉक सिस्टम लागू किया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को रोका जा सके।
विभिन्न पदों के लिए पर्याप्त मतपत्र उपलब्ध
जिले में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए बड़ी संख्या में मतपत्र उपलब्ध कराए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाताओं की संख्या से अधिक मतपत्र भेजे गए हैं ताकि किसी प्रकार की कमी न हो। चुनाव चिन्ह अंकित करने के बाद इन्हें संबंधित ग्राम सभाओं में भेजा जाएगा। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मतदाता सूची का पुनरीक्षण और अंतिम प्रकाशन
चुनाव से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरा कर लिया गया है और अनंतिम सूची जारी की जा चुकी है। निर्धारित समय तक आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं तय समय के अनुसार पूरी की जा रही हैं, ताकि चुनाव निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से कराए जा सकें।



