Meerut Security Alert: मेरठ में गणतंत्र दिवस पूर्व चेकिंग के दौरान विधायक का फर्जी पास लगी गाड़ियां सीज
Meerut Security Alert: गणतंत्र दिवस के पावन पर्व से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद चाक-चौबंद कर दिया गया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख राजमार्गों पर पुलिस की टीमें दिन-रात सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। इसी बीच शनिवार को मेरठ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ऐसी गाड़ियों को पकड़ा है, जिन पर वीआईपी धौंस दिखाने के लिए फर्जी पास लगाए गए थे। एसएसपी ने चेकिंग के दौरान एक काले रंग की थार और एक इनोवा कार को रोका, जिन पर (Legislative Assembly Pass) का दुरुपयोग किया जा रहा था। जांच के बाद दोनों वाहनों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया और संबंधित चालकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

काशी टोल के पास पुलिस की सघन चेकिंग और थार का पकड़ा जाना
शनिवार को डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा और सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना के नेतृत्व में परतापुर पुलिस बल काशी टोल के पास तैनात था। इसी दौरान एक काले रंग की महिंद्रा थार (Meerut Security Alert) आती दिखी, जिस पर उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय का आधिकारिक पास चिपका हुआ था। जब पुलिस ने संदेह के आधार पर गाड़ी को रोककर पास की सत्यता जांची, तो पता चला कि वह महज एक (Counterfeit Document Copy) या फोटो स्टेट था। कार चालक की पहचान मनोज निवासी बलरामपुर खेड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है क्योंकि वह उस पास के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
इनोवा कार पर मिला विधायक का फर्जी स्टिकर
थार की कार्रवाई के तुरंत बाद पुलिस ने एक अन्य लग्जरी इनोवा कार को जांच के लिए रोका। इस कार पर विधायक (एमएलए) का पास लगा हुआ था, जिसे देखकर पहली नजर में कोई भी धोखा खा सकता था। पुलिस पूछताछ के दौरान कार चला रहा युवक उत्कर्ष, जो जानी क्षेत्र का निवासी है, घबरा गया और पास के बारे में संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया। गहन जांच में (Fraudulent Security Sticker) के अवैध होने की पुष्टि हुई। एसएसपी ने बिना किसी देरी के इस वाहन को भी थाने भिजवा दिया। सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश करने वाले ऐसे तत्वों पर पुलिस अब सख्त नजर रख रही है।
टोल टैक्स बचाने और रौब गांठने के लिए रची गई साजिश
गिरफ्तार किए गए दोनों चालकों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे इन फर्जी पासों का इस्तेमाल टोल प्लाजा पर बिना टैक्स दिए निकलने और आम जनता व पुलिस पर (Influential Personality Impersonation) का दबाव बनाने के लिए करते थे। गणतंत्र दिवस जैसे संवेदनशील अवसर पर इस तरह की लापरवाही और धोखाधड़ी सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा खतरा साबित हो सकती थी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन युवकों ने यह पास खुद बनाए थे या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है।
जनपद की सीमाओं पर हाई अलर्ट और एसएसपी के कड़े निर्देश
मेरठ के एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद की सभी सीमाओं पर 24 घंटे पहरा देने के आदेश दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी संदिग्ध वाहन को बिना सघन जांच के जिले में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। (Strict Surveillance Protocol) के तहत पुलिस सीसीटीवी कैमरों और डॉग स्क्वायड की भी मदद ले रही है। जनप्रतिनिधियों के नाम का गलत इस्तेमाल करने वालों को चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में कोई भी इस तरह की गतिविधि में संलिप्त पाया गया, तो उस पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
परतापुर थाने में कानूनी कार्यवाही और वाहन जब्ती
परतापुर थाना प्रभारी अजय शुक्ला के अनुसार, पकड़े गए दोनों चालकों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी विभागों के नाम का गलत उपयोग करने की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने न केवल थार और इनोवा को सीज किया है, बल्कि चेकिंग के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाली एक बुलेट मोटरसाइकिल को भी (Police Impoundment Procedure) के तहत थाने में खड़ा कराया है। गणतंत्र दिवस समारोह के शांतिपूर्ण समापन तक जिले में इसी तरह की कठोर चेकिंग जारी रहेगी ताकि कोई भी असामाजिक तत्व माहौल खराब न कर सके।



