Lucknow Airport Safety Measures: लखनऊ एयरपोर्ट पर विमानों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए हटेगी मीट की दुकानें और कूड़े के ढेर
Lucknow Airport Safety Measures: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CCSI Airport) पर विमानों के सुरक्षित संचालन को लेकर प्रशासन अब बेहद सख्त रुख अपना रहा है। हाल ही में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में हवाई यातायात में बाधा डालने वाले कारकों को जड़ से खत्म करने का निर्णय लिया गया है। एयरपोर्ट के आसपास के वातावरण को (Aviation Security) के मानकों के अनुरूप ढालने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।

मीट की दुकानों और पक्षियों के झुंड से निपटने की तैयारी
हवाई अड्डे के पास अवैध रूप से संचालित मीट की दुकानें विमानों के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो रही हैं। इन दुकानों के आसपास जमा होने वाले मांस के अवशेषों के कारण बड़ी संख्या में (Bird Strike Risk) बना रहता है। एयरपोर्ट प्रवक्ता ने जानकारी दी कि क्षेत्र में तीन मीट की दुकानें बिना किसी लाइसेंस के चल रही हैं, जिन्हें तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं। पक्षियों का हवाई पट्टी के करीब उड़ना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है, जिसे रोकने के लिए अब कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
अवैध खेती और अतिक्रमण पर चलेगा प्रशासन का डंडा
बैठक के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि एयरपोर्ट अथॉरिटी की सुरक्षित भूमि पर कुछ लोग अवैध रूप से खेती कर रहे हैं। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए (Land Encroachment) को तत्काल हटाने के आदेश दिए हैं। उप जिलाधिकारी सरोजनीनगर और अपर जिलाधिकारी पूर्वी की एक संयुक्त टीम गठित की गई है, जो मौके पर जाकर पैमाइश करेगी और सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराएगी। सुरक्षा के लिहाज से हवाई अड्डे की बाउंड्री वॉल के पास किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधि प्रतिबंधित रहेगी।
ऊंची इमारतों और बिजली के खंभों की होगी गहन जांच
विमानों के सुगम मार्ग में केवल पक्षी ही नहीं, बल्कि ऊंची इमारतें और बिजली के बुनियादी ढांचे भी अवरोध पैदा कर रहे हैं। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि हवाई पट्टी के संपर्क मार्ग में आने वाले सभी (High-Rise Structures) और हाई वोल्टेज खंभों की ऊंचाई की दोबारा जांच की जाए। विशेषकर दूरदर्शन टावर और बड़े बिजली के खंभों की ऊंचाई विमानों के टेकऑफ के लिए संवेदनशील मानी जा रही है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी ढांचा निर्धारित मानक से अधिक ऊंचा न हो।
लेजर लाइट और पतंगबाजी पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन
हवाई अड्डे के पांच किलोमीटर के दायरे में लेजर लाइट का उपयोग और पतंग उड़ाना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका उल्लंघन देखा जा रहा है। ये गतिविधियां (Pilot Distraction) का मुख्य कारण बनती हैं, जिससे लैंडिंग के वक्त पायलट की एकाग्रता भंग हो सकती है। मंडलायुक्त ने स्थानीय पुलिस को निर्देशित किया है कि इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सुरक्षा के इन नियमों को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
कूड़े के ढेर और जलभराव की समस्या का होगा समाधान
बिजनौर रोड और कानपुर रोड के अप्रोचिंग एरिया में लगे कूड़े के ढेर न केवल गंदगी फैला रहे हैं, बल्कि चील-कौओं को भी आकर्षित कर रहे हैं। (Environmental Waste Management) के तहत इन स्थानों से कूड़ा हटाने और जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं। साफ-सुथरा परिवेश हवाई अड्डे की छवि और सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया है कि विमानों के रास्ते में आने वाला कोई भी अवरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
टावरों पर इंडिकेटर लगाना हुआ अब अनिवार्य
सुरक्षा ऑडिट के बाद यह पाया गया कि कई टावरों और बिजली के खंभों पर रात के समय चमकने वाले इंडिकेटर्स की कमी है। रात के अंधेरे में या धुंध के दौरान (Navigation Aids) की अनुपस्थिति में बड़े हादसे हो सकते हैं। प्रशासन ने आदेश दिया है कि हवाई अड्डे के 20 किमी के दायरे में आने वाले सभी ऊंचे टावरों और सीढ़ियों पर अनिवार्य रूप से इंडिकेटर लाइट लगाई जाएं। इससे पायलटों को दूर से ही बाधाओं का आभास हो सकेगा और वे सुरक्षित मार्ग चुन सकेंगे।
हवाई अड्डा पर्यावरण प्रबंधन समिति की भविष्य की रणनीति
इस महत्वपूर्ण बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा नियमित अंतराल पर की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आदेशों का पालन हो रहा है। (Operational Safety) को प्राथमिकता देते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी और जिला प्रशासन अब मिलकर काम करेंगे। सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है। लखनऊ का यह हवाई अड्डा आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरा उतरे, इसके लिए एक एकीकृत एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है।



