LPGBlackMarket – गैस संकट के बीच सिलिंडरों की कालाबाजारी से बढ़ी परेशानी
LPGBlackMarket – राजधानी सहित आसपास के क्षेत्रों में एलपीजी गैस की कमी के चलते लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कई जगहों पर कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि 950 रुपये के आसपास मिलने वाला घरेलू गैस सिलिंडर कुछ स्थानों पर 2500 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इतना अधिक भुगतान करने के बावजूद उपभोक्ताओं को पूरा गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा और कई मामलों में निर्धारित 14.2 किलोग्राम की जगह लगभग 12 किलोग्राम गैस ही मिलने की बात कही जा रही है।

इसी तरह व्यावसायिक उपयोग वाले 19 किलोग्राम के सिलिंडर की कीमत भी काफी बढ़ गई है। सामान्य परिस्थितियों में लगभग 2100 रुपये में मिलने वाला यह सिलिंडर कुछ स्थानों पर 3500 से 4000 रुपये तक में बेचा जा रहा है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने भी कठिनाई खड़ी हो गई है।
व्यावसायिक सिलिंडर की कमी से बढ़ी दिक्कत
सूत्रों के अनुसार राजधानी में सोमवार से व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की नियमित आपूर्ति बाधित है। इसके चलते होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालक घरेलू गैस सिलिंडरों का उपयोग करने को मजबूर हो गए हैं। कई जगहों पर घरेलू सिलिंडरों से गैस निकालकर व्यावसायिक सिलिंडर तैयार किए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं।
कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि गैस की कीमतों में अचानक हुई इस बढ़ोतरी से उनका काम प्रभावित हो रहा है। कैटरिंग एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार के मुताबिक कुछ दिनों पहले तक जो व्यावसायिक सिलिंडर लगभग 2200 रुपये में उपलब्ध था, उसकी कीमत कुछ ही दिनों में बढ़कर 3500 से 4000 रुपये तक पहुंच गई। उनका कहना है कि इतनी ऊंची कीमत पर सिलिंडर खरीदकर व्यवसाय चलाना मुश्किल हो रहा है।
समय पर गैस न मिलने से उपभोक्ता परेशान
घरेलू उपभोक्ताओं को भी समय पर सिलिंडर नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। डालीगंज इलाके के निवासी अंसार ने बताया कि उन्होंने होली से पहले घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग कराई थी, लेकिन कई दिनों तक डिलीवरी नहीं मिल सकी। एजेंसी की ओर से बार-बार आश्वासन दिया गया, लेकिन तय समय पर सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पाया।
इलाके के अन्य लोगों का भी कहना है कि गैस न मिलने की स्थिति में उन्हें अस्थायी तौर पर चूल्हे या अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ परिवारों ने मजबूरी में अधिक कीमत देकर बाजार से गैस सिलिंडर खरीदने की बात भी कही है।
सिलिंडर से गैस कम मिलने की शिकायत
गैस आपूर्ति में कमी के साथ-साथ सिलिंडरों में गैस कम होने की शिकायत भी सामने आई है। कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान मिलने वाले सिलिंडरों में दो से तीन किलोग्राम तक गैस कम होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ डिलीवरी कर्मियों द्वारा गैस निकालकर अलग से जमा करने का काम किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि विशेष उपकरणों की मदद से सिलिंडरों से गैस निकालकर उसे अलग खाली सिलिंडरों में भरा जाता है, जिसे बाद में अधिक कीमत पर बेचा जाता है। इस प्रक्रिया को आम बोलचाल में कटिंग कहा जा रहा है।
छोटे सिलिंडरों की भराई पर भी असर
छोटे गैस सिलिंडरों की भराई करने वाले व्यवसाय पर भी इस स्थिति का असर पड़ा है। इस काम से जुड़ी एक महिला का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में गैस की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। पहले जहां गैस लगभग 100 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास मिल जाती थी, वहीं अब 200 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम तक कीमत बताई जा रही है।
उनका कहना है कि इतनी अधिक कीमत पर गैस लेकर छोटे सिलिंडर भरना आर्थिक रूप से संभव नहीं रह गया है, इसलिए उन्होंने फिलहाल यह काम बंद कर दिया है।
प्रशासन ने जांच की बात कही
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस की घटतौली और कालाबाजारी की शिकायतों के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले पर जिला आपूर्ति अधिकारी विजय प्रकाश ने कहा कि गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी को रोकने के लिए विभाग की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जांच अभियान चलाएंगी।
उन्होंने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है और आवश्यक होने पर छापेमारी की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को सही मात्रा में गैस उपलब्ध कराई जा सके और अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सके।



