LDAVarunNagar – लखनऊ में चल रही है सस्ती जमीन वाली नई आवासीय योजना की तैयारी
LDAVarunNagar – लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की प्रस्तावित नई आवासीय योजनाओं में वरुण नगर योजना सबसे किफायती विकल्प के रूप में सामने आ रही है। आगरा एक्सप्रेसवे के पास विकसित की जा रही इस योजना में जमीन की कीमत करीब 2500 रुपये प्रति वर्गफीट तक रखे जाने का प्रस्ताव है, जो अन्य योजनाओं की तुलना में काफी कम है। ऐसे में यह योजना मध्यम वर्ग के लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन सकती है, जो राजधानी में अपना घर बनाने का सपना देखते हैं।

चार नई योजनाओं में सबसे सस्ता विकल्प
एलडीए शहर में कुल चार नई आवासीय योजनाएं लाने की तैयारी कर रहा है। इनमें सीतापुर रोड और आईआईएम रोड पर नैमिष नगर, सुल्तानपुर रोड पर आईटी सिटी और वेलनेस सिटी, तथा आगरा एक्सप्रेसवे के किनारे वरुण नगर योजना शामिल है। इन सभी योजनाओं में जमीन की कीमत अलग-अलग रखी गई है, लेकिन वरुण नगर को सबसे सस्ता रखा गया है। प्रस्तावित दरों के अनुसार आईटी सिटी में जमीन लगभग 4000 रुपये प्रति वर्गफीट और वेलनेस सिटी में करीब 4200 रुपये प्रति वर्गफीट हो सकती है, जबकि नैमिष नगर में यह करीब 3000 रुपये प्रति वर्गफीट तय की गई है।
कम कीमत के पीछे की वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि वरुण नगर में जमीन की कम कीमत का मुख्य कारण यहां भूमि अधिग्रहण की लागत कम होना है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में जमीन का मूल्य अन्य स्थानों की तुलना में कम है, जिससे योजना की कुल लागत भी घट रही है। वहीं, आईटी सिटी और वेलनेस सिटी जैसी योजनाओं में जमीन लैंडपूलिंग के माध्यम से ली जा रही है, जहां मौजूदा बाजार दर पहले से ही अधिक है।
भूमि अधिग्रहण की अलग-अलग प्रक्रिया
एलडीए की इन योजनाओं में जमीन हासिल करने के तरीके भी अलग-अलग हैं। आईटी सिटी और वेलनेस सिटी के लिए लैंडपूलिंग मॉडल अपनाया जा रहा है, जिसमें जमीन मालिकों को नकद के बजाय विकसित भूमि का हिस्सा दिया जाता है। वहीं, नैमिष नगर और वरुण नगर में जमीन सीधे सहमति के आधार पर खरीदी जा रही है। इस मॉडल से एलडीए को जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।
बेहतर कनेक्टिविटी की योजना
वरुण नगर योजना को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए भी तैयारी की जा रही है। हैदर कैनाल पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड बनने के बाद इस क्षेत्र से हजरतगंज तक की दूरी काफी कम हो जाएगी। अनुमान है कि यह सफर करीब 20 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। हालांकि, यह परियोजना अभी योजना के स्तर पर है और इसके क्रियान्वयन को लेकर समय-सीमा स्पष्ट नहीं है।
हरित क्षेत्र और सुविधाओं पर जोर
इस योजना में बड़े स्तर पर हरित क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव है। करीब 300 एकड़ में पार्क और 150 एकड़ में झील विकसित करने की योजना है, जिससे क्षेत्र को आकर्षक और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। इस तरह की सुविधाएं इसे अन्य आवासीय परियोजनाओं के मुकाबले अलग पहचान दे सकती हैं।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
वरुण नगर योजना लगभग 2664 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जिसमें करीब 2100 प्लॉट प्रस्तावित हैं। योजना को कैलाश और काशी नाम के दो हिस्सों में बांटा जाएगा। इसमें कई गांवों की जमीन शामिल की जा रही है, जिनमें भलिया, आदमपुर, इंदवारा, बहरु, जलियामऊ, मदारपुर, इब्राहिमगंज, नकटौरा, गहलवारा, तेजकृष्ण खेड़ा, रेवरी और सकरा प्रमुख हैं।
जल्द हो सकता है भूमि पूजन
एलडीए अधिकारियों के अनुसार, इस योजना का भूमि पूजन जून माह में बड़े मंगल के अवसर पर कराने की तैयारी है। प्राधिकरण का कहना है कि इस योजना के जरिए लोगों को किफायती दर पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक लोग अपना घर बनाने का सपना साकार कर सकें।



