InvestmentBoost – उद्योगों में बाधा पर सख्ती, निवेश माहौल पर सीएम का जोर
InvestmentBoost – उत्तर प्रदेश में औद्योगिक माहौल को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि किसी भी प्रकार की बाधा या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उद्योगों के सुचारु संचालन में अगर कोई रुकावट पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी स्थितियों में प्रशासन को सक्रिय किया जाता है और जरूरत पड़ने पर देर रात भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाते हैं।

कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने साफ किया कि चाहे कोई भी व्यक्ति या समूह हो, अगर वह उद्योगों के कामकाज में बाधा डालने की कोशिश करेगा, तो उसे इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। उनके अनुसार, निवेश और विकास के लिए सुरक्षित वातावरण जरूरी है और इसे बनाए रखने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
निवेश को बढ़ावा देने के प्रयास
यह बयान ‘सीएम निवेश मित्र-3.0’ सिंगल विंडो सिस्टम के शुभारंभ के अवसर पर दिया गया, जो निवेशकों को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए उद्योगों से जुड़े विभिन्न अनुमोदन और प्रक्रियाएं सरल बनाने की कोशिश की गई है। सरकार का मानना है कि इससे निवेशकों को समय की बचत होगी और परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा।
विभिन्न क्षेत्रों को मिली प्रोत्साहन राशि
कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार ने कई औद्योगिक परियोजनाओं को प्रोत्साहन भी दिया। जानकारी के अनुसार, विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, बायोप्लास्टिक, आयरन एंड स्टील, फूड प्रोसेसिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों की 85 परियोजनाओं को लाभ पहुंचाया गया। इन परियोजनाओं को लेटर ऑफ कंफर्ट और अर्हता प्रमाणपत्र के आधार पर कुल 2781 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी वितरित की गई।
पिछले वर्षों के आंकड़ों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में पिछले वर्षों के आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच जहां केवल 16 एलओसी जारी किए गए थे, वहीं पिछले नौ वर्षों में यह संख्या बढ़कर 3367 तक पहुंच गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और निवेश में लगातार वृद्धि हुई है।
औद्योगिक माहौल को और मजबूत करने की दिशा
सरकार का कहना है कि बेहतर कानून व्यवस्था, पारदर्शी नीतियां और बुनियादी ढांचे में सुधार के कारण उत्तर प्रदेश निवेश के लिए एक आकर्षक विकल्प बन रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न होने दें। इस पहल का उद्देश्य राज्य को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में और आगे ले जाना है



