उत्तर प्रदेश

GST-Raid – संभल में ज्वैलर के यहां 33 करोड़ की अघोषित ज्वैलरी पर बड़ी कर कार्रवाई

GST-Raid – उत्तर प्रदेश में सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच कर अनुपालन को लेकर राज्य कर विभाग ने अपनी निगरानी तेज कर दी है। इसी कड़ी में संभल जिले में एक प्रतिष्ठित ज्वैलर के प्रतिष्ठान और आवास पर की गई छापेमारी में भारी मात्रा में अघोषित सोना, चांदी और हीरे के आभूषण बरामद हुए हैं। विभाग ने मौके से करीब 33 करोड़ रुपये मूल्य की ज्वैलरी जब्त की है, जबकि कारोबारी ने तत्काल 1.20 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में जमा कर दिए। यह कार्रवाई कर चोरी के खिलाफ राज्य सरकार की सख्त नीति का हिस्सा मानी जा रही है।

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बढ़ती कीमतों के बीच बढ़ी निगरानी

पिछले कुछ महीनों में सर्राफा बाजार में लगातार उछाल के कारण विभाग को सूचना मिल रही थी कि कुछ व्यापारी बिना उचित दस्तावेज के लेन-देन कर रहे हैं। शिकायतों और खुफिया इनपुट के आधार पर अपर आयुक्त ग्रेड-2 (वाणिज्य कर अनुशासन) आरए सेठ के निर्देश पर व्यवस्थित तरीके से जांच शुरू की गई। विभागीय अधिकारियों ने पहले स्थानीय बाजार के लेन-देन के पैटर्न का अध्ययन किया और संदिग्ध गतिविधियों को चिन्हित किया।

एक महीने की योजना के बाद छापा

करीब चार सप्ताह तक गोपनीय निगरानी के बाद संभल के एक प्रमुख ज्वैलर को जांच के दायरे में लिया गया। चार फरवरी की दोपहर करीब एक बजे मुरादाबाद जोन की प्रवर्तन विंग की दस सदस्यीय टीम ने एक साथ उसके शोरूम और आवास पर छापा मारा। यह तलाशी अभियान लगभग 21 घंटे तक चला, जिसमें हर कमरे, लॉकर और दस्तावेज की बारीकी से जांच की गई।

स्टॉक में भारी अंतर

जांच के दौरान सामने आया कि ज्वैलर अपने शोरूम में रखे माल के संबंध में वैध खरीद दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहा। स्टॉक रजिस्टर में मात्र 439 ग्राम सोने की ज्वैलरी और 120 किलो चांदी दर्ज थी, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग निकली। मौके से 16.638 किलो सोने के आभूषण, 875 किलो चांदी के गहने और 34.43 कैरेट हीरे बरामद हुए, जिनका कोई आधिकारिक लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं था।

जब्ती और डिजिटल जांच

विभाग ने बाजार मूल्य के आधार पर बरामद ज्वैलरी की कीमत करीब 33 करोड़ रुपये आंकी है। पूरी अघोषित खेप को सीज कर लिया गया है। इसके अलावा शोरूम और आवास से मिले कच्चे पर्चे, बिल बुक, नोट्स और कारोबारी लेन-देन से जुड़े मोबाइल डेटा को भी जब्त किया गया है। विशेषज्ञों की टीम अब डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही है।

सर्राफा बाजार में असर

इस बड़ी कार्रवाई के बाद संभल और आसपास के सर्राफा कारोबारियों में हलचल मच गई है। कई व्यापारियों ने अपने स्टॉक और दस्तावेजों की समीक्षा शुरू कर दी है। स्थानीय व्यापारिक संगठनों का कहना है कि वे कानून के दायरे में काम करने के पक्षधर हैं, लेकिन विभाग को भी पारदर्शी प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

कार्रवाई का नेतृत्व और टीम

पूरी छापेमारी का संचालन मुरादाबाद जोन की प्रवर्तन विंग ने किया। टीम में उपायुक्त बामदेव त्रिपाठी और उत्तम तिवारी के साथ सहायक आयुक्त रणंजय यादव, अखिलेश कुमार, पूजा दीक्षित, राहत चांद, राज्य कर अधिकारी रुपम उपाध्याय, अरविंद कुमार, धीरज सिंह और बिजेंद्र सिंह शामिल रहे। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक व्यापारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में कर अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

आगे की जांच और संभावित कार्रवाई

राज्य कर विभाग ने संकेत दिया है कि दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि संगठित कर चोरी के सबूत मिलते हैं तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ अतिरिक्त दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। विभाग का दावा है कि इस तरह की छापेमारी से पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व रिसाव को रोका जा सकेगा।

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