Governance – नौ वर्षों में यूपी में बदलाव और विकास की नई तस्वीर उभरी
Governance – उत्तर प्रदेश में बीते नौ वर्षों के दौरान हुए बदलावों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य ने विकास और सुशासन की दिशा में एक लंबी यात्रा तय की है। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उस स्थिति को बदला गया। उनके अनुसार, पहले बड़ी संख्या में लोग रोजगार और सुरक्षा के अभाव में पलायन के लिए मजबूर थे, जबकि अब माहौल बदलने से राज्य अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ रहा है।

कानून व्यवस्था में सुधार को बताया प्रमुख उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर कहा कि पिछले वर्षों में इसमें स्पष्ट सुधार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति और व्यवस्था इसका उदाहरण है। नवरात्र, रमजान और ईद जैसे अवसरों पर भी प्रदेश में सामान्य स्थिति बनी रहना प्रशासनिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था का संकेत है। उनके मुताबिक, अब प्रदेश में कहीं भी कर्फ्यू जैसी स्थिति नहीं बनती, जो पहले आम बात मानी जाती थी।
रोजगार और सामाजिक वर्गों के लिए योजनाओं पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं, जिससे उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले नौकरियों में पारदर्शिता का अभाव था और भर्ती प्रक्रियाओं पर सवाल उठते थे, लेकिन अब युवाओं को अधिक अवसर मिल रहे हैं। उनके अनुसार, सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में काम हुआ है।
2017 से पहले की चुनौतियों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की वर्तमान स्थिति को समझने के लिए पहले की परिस्थितियों को देखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पहले किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता था, जबकि कारीगरों को अपने ही प्रदेश में पर्याप्त अवसर नहीं मिलते थे। युवाओं के सामने रोजगार और पहचान का संकट था और भ्रष्टाचार के कारण भर्ती प्रक्रियाएं प्रभावित होती थीं। उस समय कानून-व्यवस्था भी एक बड़ी चुनौती थी, जिससे आम नागरिक असुरक्षित महसूस करता था।
विकास, निवेश और बुनियादी ढांचे पर फोकस
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सुधार के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि इन पहलों के कारण उत्तर प्रदेश अब राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है।
बजट से विकास को मिलेगी नई गति
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के संतुलित और समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
अन्य नेताओं ने भी गिनाईं उपलब्धियां
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि नौ वर्षों में प्रदेश की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले खराब सड़कों और बिजली की समस्या आम थी, लेकिन अब इन क्षेत्रों में सुधार हुआ है। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जनता के विश्वास को सरकार की ताकत बताया। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा कि पहले जहां आपराधिक गतिविधियां अधिक थीं, वहीं अब कानून का राज स्थापित हुआ है।



