उत्तर प्रदेश

Ghaziabad Winter Weather Alert: अभी और सितम ढाएगी गाजियाबाद की कुल्फी जमा देने वाली ठंड

Ghaziabad Winter Weather Alert: गाजियाबाद में कुदरत का मिजाज एक बार फिर बेहद तल्ख हो गया है, जहाँ खिली हुई धूप भी बेअसर साबित हो रही है। मौसम विभाग ने दिल्ली से सटे इस जिले के लिए (Cold Wave Warning) का कड़ा संदेश देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बर्फीली हवाओं ने न केवल दिन के सुकून को छीना है, बल्कि आने वाले दिनों में कोहरे और गलन की दोहरी मार पड़ने वाली है। यह महज मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि जनजीवन के लिए एक बड़ी परीक्षा की घड़ी है, जहाँ हर गुजरता मिनट शरीर में कंपकंपी भर रहा है।

Ghaziabad Winter Weather Alert
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मासूमों की सुरक्षा के लिए स्कूलों पर ताला और समय में बदलाव

कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सेहत से खिलवाड़ न करने का सख्त फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को 15 जनवरी तक (School Winter Vacation) की श्रेणी में रखते हुए अवकाश घोषित कर दिया है। वहीं, कक्षा छह से बारहवीं तक के छात्रों के लिए स्कूल का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच सीमित कर दिया गया है। डॉक्टरों ने भी हिदायत दी है कि बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़ों की कई परतों में ढककर ही बाहर निकलने दें, क्योंकि यह गलन सीधे फेफड़ों पर असर कर सकती है।

यूपी का चौथा सबसे ठंडा शहर बना गाजियाबाद

उत्तर प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों की सूची में गाजियाबाद अब चौथे पायदान पर पहुंच गया है। रविवार की रात यहां का न्यूनतम तापमान गिरकर 4.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जिसने लोगों के हाथ-पांव सुन्न कर दिए। प्रदेश में (Minimum Temperature Record) के मामले में मेरठ और नोएडा ने जरूर बाजी मारी, लेकिन गाजियाबाद की 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली सर्द हवाओं ने गलन के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया। नमी का स्तर 90 फीसदी होने के कारण आधी रात के बाद गिरने वाले पाले ने सुबह की शुरुआत को और भी ज्यादा कष्टदायक बना दिया है।

जहरीली हवा से मिली राहत मगर कोहरे ने थामी रफ्तार

प्रदूषण की मार झेल रहे गाजियाबाद के लिए तेज हवाएं एक वरदान बनकर आईं, जिससे वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दिखा। जिले का (Air Quality Index) गिरकर 289 तक पहुंच गया, जो पिछले दिनों के मुकाबले काफी बेहतर है। हालांकि, लोनी और वसुंधरा जैसे इलाकों में अभी भी हवा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्रदूषण कम होने के बावजूद घना कोहरा सड़कों पर मौत का जाल बुन रहा है, जिसके चलते विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई और वाहन चालकों को रेंगकर चलने पर मजबूर होना पड़ा।

मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी और पारे में भारी गिरावट के आसार

आने वाले 24 घंटों में सर्दी का सितम कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, सोमवार को (Weather Forecast Update) यह संकेत दे रहा है कि न्यूनतम तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रात और दिन के तापमान में तीन गुना से ज्यादा का अंतर होने की वजह से लोगों की सेहत बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ों से आने वाली पछुआ हवाओं ने उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों को अपने घेरे में ले लिया है, जिससे राहत की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं दिख रही।

पश्चिमी यूपी के 6 जिलों में अलर्ट और विक्षोभ का अंत

लखनऊ मौसम केंद्र के विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश से पश्चिमी विक्षोभ का असर अब खत्म हो रहा है। इसके जाते ही उत्तरी-पश्चिमी हवाएं अपना असली रंग दिखाएंगी, जिससे पश्चिमी यूपी के (Satellite Weather Alert) छह जिलों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ेगा। गाजियाबाद के साथ-साथ अमरोहा, मुरादाबाद और बरेली जैसे क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक तापमान में 5 डिग्री तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। तराई के 15 जिलों में कोहरे का घना साया मंडरा रहा है, जो परिवहन और रेल सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

सावधान रहें और गलन वाली इस ठंड से खुद को बचाएं

इस बेहरम मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है, इसलिए चिकित्सकों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में (Health Safety Tips) का पालन करना अनिवार्य है, क्योंकि आधी रात के बाद गिरने वाला पाला और सुबह की ठंडी हवाएं हृदय और सांस के मरीजों के लिए घातक साबित हो सकती हैं। जब तक पारा स्थिर नहीं होता, तब तक गर्म पेय पदार्थों का सेवन और अनावश्यक रूप से रात के समय बाहर निकलने से बचना ही समझदारी है।

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