DevelopmentProjects – बाराबंकी दौरे में सीएम योगी ने विकास योजनाओं की दी सौगात
DevelopmentProjects – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी जिले के रामनगर स्थित प्राचीन लोधेश्वर महादेव धाम पहुंचकर भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने दरियाबाद में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान लगभग 550 करोड़ रुपये की लागत से तैयार और प्रस्तावित 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों पर भी राजनीतिक टिप्पणी की।

धार्मिक स्थल के विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोधेश्वर महादेव धाम प्रदेश की आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसके विकास के लिए कॉरिडोर परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी। उनके अनुसार इस योजना के पूरा होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापार तथा रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर भी समान रूप से कार्य कर रही है।
विकास और विरासत को लेकर विपक्ष पर टिप्पणी
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को महत्व नहीं देते, वे विकास कार्यों का भी विरोध करते रहे हैं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों के समय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियां थीं। उन्होंने अपने संबोधन में इसी संदर्भ में पूर्व में प्रचलित एक राजनीतिक नारे का भी उल्लेख किया।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर लगाए आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता को उन राजनीतिक दलों से सावधान रहना चाहिए जिन पर उन्होंने सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग के आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के कई दशक बाद भी लोधेश्वर महादेव धाम के समुचित विकास की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं किए गए। उनका आरोप था कि पूर्व की सरकारों ने इस धार्मिक स्थल के विकास को प्राथमिकता नहीं दी।
के.डी. सिंह ‘बाबू’ की विरासत का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने बाराबंकी के प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता के.डी. सिंह ‘बाबू’ को याद करते हुए कहा कि उनके योगदान के अनुरूप उनकी विरासत को संरक्षण नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने उनकी ऐतिहासिक हवेली को संरक्षित रखने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में वहां स्मारक विकसित किया जा सके और आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान से परिचित हो सकें।
कानून-व्यवस्था और औद्योगिक प्रगति का किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विकास को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रक्षा क्षेत्र से जुड़े बड़े निवेश हो रहे हैं और लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण जैसी परियोजनाएं इसका उदाहरण हैं। उनके अनुसार बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और निवेश-अनुकूल माहौल के कारण प्रदेश की पहचान तेजी से बदल रही है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को लेकर रखे आंकड़े
मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इसकी लागत और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की दोबारा समीक्षा कराई। उन्होंने दावा किया कि संशोधित प्रक्रिया के बाद परियोजना को पहले के अनुमान से कम लागत में पूरा कराया गया, जिससे सरकारी धन की बचत हुई और गुणवत्तापूर्ण आधारभूत ढांचा तैयार किया जा सका।
बाराबंकी की भौगोलिक स्थिति को बताया विशेष
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाराबंकी की स्थिति प्रदेश के दो महत्वपूर्ण शहरों, लखनऊ और अयोध्या, के बीच होने के कारण यह जिला विशेष महत्व रखता है। उनके अनुसार धार्मिक पर्यटन और बेहतर संपर्क व्यवस्था का लाभ यहां के लोगों को भविष्य में और अधिक मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर के निर्माण से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ कार्यक्रम
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। हेलीपैड, मंदिर परिसर और जनसभा स्थल पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी तथा सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई थी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक विषयों पर भी बैठक की।