CourtSecurity – ईमेल धमकी के बाद लखनऊ कोर्ट में सख्त जांच
CourtSecurity – लखनऊ की अदालत को सोमवार सुबह एक ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। संदेश मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। एहतियात के तौर पर पूरे कोर्ट परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और हर कोने की बारीकी से जांच की गई। शुरुआती जांच में किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या गतिविधि का पता नहीं चला, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती गई।

तुरंत खाली कराया गया परिसर
धमकी भरा ईमेल मिलते ही अदालत परिसर में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। न्यायाधीशों को भी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। कुछ समय के लिए अदालत का कामकाज प्रभावित रहा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी किसी भी सूचना को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए पूरी सतर्कता बरती गई। अदालत के सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गई और आने-जाने वालों की सघन जांच की गई।
तीन दिन पहले भी आई थी धमकी
यह पहली बार नहीं है जब अदालत को इस तरह की धमकी मिली हो। तीन दिन पहले भी लखनऊ सहित प्रदेश के 18 जिलों में एक समान प्रकृति का ईमेल भेजा गया था। उस संदेश में जिला जज को संबोधित करते हुए शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दोपहर दो बजे धमाका करने की चेतावनी दी गई थी। संदेश में चुनौतीपूर्ण भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिससे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सतर्क हो गई थीं। उस समय भी कचहरी परिसर को खाली कराया गया था और बम निरोधक दस्ते ने लंबी तलाशी ली थी, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
खुफिया एजेंसियां भी हुईं सक्रिय
ताजा ईमेल मिलने के बाद वजीरगंज थाना क्षेत्र की पुलिस को सूचना दी गई। इसके साथ ही खुफिया विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि ईमेल की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश कहां से और किस माध्यम से भेजा गया। साइबर विशेषज्ञ ईमेल के स्रोत की पहचान में जुटे हैं। जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि कहीं यह किसी शरारती तत्व की करतूत तो नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था और सख्त
लगातार मिल रही धमकियों के मद्देनजर अदालत परिसर की सुरक्षा और मजबूत कर दी गई है। प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और बैग की जांच अनिवार्य कर दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग बढ़ाई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अदालत जैसे संवेदनशील स्थानों पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
एफआईआर दर्ज, जांच जारी
इस मामले में अदालत के नाजिर की ओर से वजीरगंज थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस का कहना है कि दोषी की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अदालत में कामकाज सामान्य हो गया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह चौकन्नी हैं। अधिकारियों का मानना है कि ऐसी धमकियों का उद्देश्य दहशत फैलाना हो सकता है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।



