उत्तर प्रदेश

Bahraich Road Accident 2026: बहराइच में चीख-पुकार के बीच बिछ गईं लाशें, खुशियों भरे सफर का ऐसा खौफनाक अंत देख कांप उठेगी रूह…

Bahraich Road Accident 2026: बहराइच जनपद के रामगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत दरहिया पुरवा झुड़िया गांव के समीप आज एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखों को नम कर दिया। गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे का समय था जब लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी एक भीषण (Uncontrolled Tractor) ने सवारियों से भरे ई-रिक्शा को अपनी चपेट में ले लिया। यह हादसा इतना जोरदार था कि इसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण सहम गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जो लोग अपनों की सेवा के लिए घर से निकले थे, उन्हें क्या पता था कि मौत रास्ते में उनका इंतजार कर रही है।

Bahraich Road Accident 2026
Bahraich Road Accident 2026

ससुर के इलाज की उम्मीद लेकर निकले दामाद की मौत

हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि ई-रिक्शा चालक मुन्ना लाल अपने ससुर के गिरते स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंतित थे और उन्हें बेहतर उपचार दिलाने के लिए ई-रिक्शा से इंटहा बाजार की ओर जा रहे थे। रास्ते में दरहिया पुरवा के पास सामने से काल बनकर आ रहे (Frontal Collision) ने उनके अरमानों को मिट्टी में मिला दिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि मुन्ना लाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने परिवार के एकमात्र सहारा थे, जिनका जाना पूरे गांव के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही दो और जिंदगी के चिराग बुझे

इस खौफनाक सड़क दुर्घटना में केवल चालक ही नहीं, बल्कि ई-रिक्शा में सवार अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। वहां पहुंचते ही (Critical Injuries) के कारण रामखेलावन और अनुपम नामक दो अन्य व्यक्तियों ने भी दम तोड़ दिया। घायलों में भुजंग पुरवा और गड़रियन पुरवा के निवासी शामिल थे, जिनके परिजनों को जब इस दुखद घटना की सूचना मिली, तो पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया।

पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया

हादसे की जानकारी मिलते ही रामगांव थानाध्यक्ष गुरुसेन सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए एंबुलेंस की सहायता से घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की (Emergency Response) सुनिश्चित की। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया है। थानाध्यक्ष के अनुसार, मृतकों के शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि कानूनी औपचारिकताओं को समय से पूरा किया जा सके।

ट्रैक्टर चालक की लापरवाही और पुलिस की जांच तेज

हादसे के बाद से ही पुलिस इस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है कि आखिर ट्रैक्टर की गति इतनी अधिक क्यों थी। चश्मदीदों का कहना है कि ट्रैक्टर चालक बेहद लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिसके कारण यह (Fatal Accident) घटित हुआ। पुलिस अब फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी है और वाहन के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाया जा सके और निर्दोषों की जान सुरक्षित रहे।

मामूली रूप से घायल यात्रियों को मिली राहत

भीषण टक्कर के बावजूद ई-रिक्शा में सवार दो अन्य यात्री चमत्कारिक रूप से मौत के मुंह से बाहर निकल आए। हालांकि उन्हें भी चोटें आई थीं, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को खतरे से बाहर बताया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में (First Aid) देने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है, लेकिन उनके मन में उस भयावह एक्सीडेंट की यादें अब भी ताजा हैं। वे अभी भी सदमे में हैं और उस पल को याद कर सिहर उठते हैं जब उनकी आंखों के सामने उनके साथी जिंदगी की जंग हार गए।

सड़क सुरक्षा पर उठते गंभीर सवाल और ग्रामीणों का आक्रोश

इस दुखद घटना ने एक बार फिर जिले की सड़कों पर दौड़ते डग्गामार और अनियंत्रित वाहनों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि व्यस्त मार्गों पर भारी (Road Safety Rules) की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण अंचलों में वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं और अवैध रूप से चल रहे अनाधिकृत वाहनों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए ताकि फिर किसी मुन्ना लाल का परिवार अनाथ न हो।

शोक में डूबा पूरा गांव और अंतिम विदाई की तैयारी

बहराइच के इस गांव में आज चूल्हा तक नहीं जला है और हर आंख से आंसू बह रहे हैं। मृतकों के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है, लेकिन परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। (Victim’s Family) को इस बात का यकीन ही नहीं हो रहा कि जो सुबह घर से हंसते-खेलते निकले थे, उनकी अब केवल निर्जीव देह ही वापस लौटेगी। पूरा क्षेत्र इस समय स्तब्ध है और प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की जा रही है ताकि उनके भविष्य का भरण-पोषण हो सके।

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