Ayodhya Jail break news: अयोध्या जेल से दो बंदियों के फरार होने पर जेल अधीक्षक सहित सात सस्पेंड
Ayodhya Jail break news: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में स्थित मंडल कारागार की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। जेल की बैरक तोड़कर दो खतरनाक बंदियों के फरार होने की घटना के बाद शासन ने सख्त रुख अपनाया है। जेल प्रशासन की इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए जेल अधीक्षक समेत कुल सात अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। महानिदेशक (जेल) पीसी मीणा ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए सभी दोषियों के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं।

तन्हाई बैरक तोड़कर और दीवार फांदकर भाग निकले बंदी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, फरार होने वाले बंदियों में अमेठी निवासी गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज और सुल्तानपुर का रहने वाला शेर अली शामिल है। ये दोनों आरोपी हत्या के प्रयास, दुष्कर्म और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में अयोध्या जेल में निरुद्ध थे। बुधवार की रात इन दोनों ने तन्हाई बैरक की दीवार को क्षतिग्रस्त किया और फिर जेल की ऊंची बाउंड्री कूदकर भागने में सफल रहे। घटना की जानकारी मिलते ही जेल परिसर में हड़कंप मच गया और तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया।
जेल के वरिष्ठ अधिकारियों और वार्डर पर गिरी निलंबन की गाज
सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगने के इस मामले में डीजी जेल ने कड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक यूपी मिश्रा, जेलर जेके यादव और डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा, ड्यूटी पर तैनात एक हेड वार्डर और तीन अन्य वार्डर को भी निलंबित किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि बंदियों के भागने के दौरान निगरानी में बड़ी कमी रही, जिसके कारण यह घटना संभव हो पाई। अब इन सभी अधिकारियों को विभागीय जांच का सामना करना होगा।
पुलिस टीमों का गठन और सीसीटीवी फुटेज की सघन जांच
बंदियों के फरार होने की सूचना के बाद स्थानीय पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए सक्रिय कर दी गई हैं। अयोध्या और आसपास के जिलों अमेठी व सुल्तानपुर में भी अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस जेल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बंदियों के भागने के मार्ग का पता लगाया जा सके। साथ ही, जेल के भीतर मौजूद अन्य बंदियों से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या इस साजिश में किसी अन्य व्यक्ति का सहयोग शामिल था।
जेल प्रशासन में हड़कंप और सुरक्षा मानकों की समीक्षा
इस घटना के बाद से प्रदेश की अन्य जेलों में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। अयोध्या जेल प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, फरार बंदियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। उच्च अधिकारियों का कहना है कि जेल की दीवारों और बैरकों की मजबूती की भी समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल, जेल विभाग के इस कड़े एक्शन से कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।



