Vijay Hazare Trophy Record: क्रिकेट के मैदान पर बिहार ने 574 रन बनाकर धराशायी किया दुनिया का हर बड़ा रिकॉर्ड
Vijay Hazare Trophy Record: घरेलू क्रिकेट के गलियारों से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। विजय हजारे ट्रॉफी के प्लेट लेवल मुकाबले में बिहार की टीम ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ बल्लेबाजी का वो मंजर पेश किया जो आज से पहले कभी नहीं देखा गया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बिहार की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर (List-A Cricket) के इतिहास का सबसे विशाल स्कोर खड़ा कर दिया है। 574 रनों के इस पहाड़ जैसे स्कोर ने क्रिकेट के उन सभी दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है जिनके नाम अब तक सुनहरे अक्षरों में दर्ज थे।

तमिलनाडु का वर्षों पुराना रिकॉर्ड अब हुआ गुजरे जमाने की बात
इससे पहले लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे बड़े टीम स्कोर का रिकॉर्ड तमिलनाडु के नाम दर्ज था, जिसने साल 2022 में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ ही 506 रन बनाए थे। लेकिन बिहार के रणबांकुरों ने (Record Breaking Score) की नई इबारत लिखते हुए न केवल तमिलनाडु को पीछे छोड़ा, बल्कि इंग्लैंड और सरे जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीमों के रिकॉर्ड्स को भी मलबे में तब्दील कर दिया। रांची के मैदान पर बिहार की इस आंधी ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े नाम की मोहताज नहीं होती। यह स्कोर अब विश्व स्तर पर एक नया बेंचमार्क बन चुका है।
14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मचाया मैदान पर कत्लेआम
इस ऐतिहासिक पारी की नींव रखने का श्रेय 14 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को जाता है। वैभव ने मैदान के हर कोने में शॉट लगाते हुए अरुणाचल के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। अपनी तूफानी पारी के दौरान (Fastest Century) की रेस में उन्होंने बड़े-बड़े दिग्गजों को चुनौती दी। वैभव ने 16 चौके और 15 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 226 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बटोरे। उनकी इस पारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिहार के पास क्रिकेट का एक ऐसा हीरा है जो आने वाले समय में भारतीय राष्ट्रीय टीम का गौरव बढ़ाएगा।
कप्तान सकीबुल गनी की विध्वंसक बल्लेबाजी से कांपे गेंदबाज
बिहार के कप्तान सकीबुल गनी ने इस मैच में कप्तानी पारी की परिभाषा ही बदल दी। उन्होंने महज 32 गेंदों में अपना शतक पूरा कर भारतीय बल्लेबाजों में लिस्ट-ए इतिहास का (Quickest Hundred) जड़ने का नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। गनी ने महज 40 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 128 रन बनाए, जिसकी बदौलत टीम का स्कोर 570 के पार पहुंच सका। गनी और वैभव की जुगलबंदी ने सिर्फ 84 गेंदों में 190 रनों की साझेदारी कर विरोधी टीम के हौसले पूरी तरह पस्त कर दिए।
तीन शतकों से सजा बिहार का स्वर्णिम स्कोरबोर्ड
बिहार की इस पारी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि टीम के तीन बल्लेबाजों ने शतकीय पारियां खेलीं। आयुष लोहुरुका ने जहां 116 रनों का योगदान दिया, वहीं पियूष सिंह ने भी 77 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर (Team Performance) को मजबूती प्रदान की। अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाज पूरी तरह लाचार नजर आए और बिहार के बल्लेबाजों ने हर ओवर में रनों की बारिश जारी रखी। यह शायद लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे एकतरफा मुकाबला साबित हुआ जहां गेंद सिर्फ दर्शकों के बीच ही नजर आ रही थी।
डिविलियर्स का विश्व रिकॉर्ड भी वैभव की आंधी में उड़ा
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी ने सिर्फ भारतीय रिकॉर्ड ही नहीं तोड़े, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के ‘मिस्टर 360’ कहे जाने वाले एबी डिविलियर्स का भी एक बड़ा रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। वैभव अब लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज (World Record) 150 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस 14 वर्षीय बालक की उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है क्योंकि उन्होंने यह कारनामा उस उम्र में किया है जब बच्चे खेल की बारीकियां सीख रहे होते हैं। उनकी इस पारी ने क्रिकेट पंडितों को विश्लेषण करने पर मजबूर कर दिया है।
विजय हजारे ट्रॉफी में सबसे बड़े स्कोर की नई तालिका
उपरोक्त तालिका (Historical Stats) दर्शाती है कि बिहार ने किस तरह से भारतीय घरेलू क्रिकेट की शीर्ष टीमों जैसे मुंबई और पंजाब को पीछे छोड़ते हुए अपना वर्चस्व स्थापित किया है। रांची का मैदान इस ऐतिहासिक पल का गवाह बना।
बिहार क्रिकेट के लिए यह पल क्यों है इतना खास?
अक्सर संसाधनों की कमी और बुनियादी ढांचे की शिकायतों के बीच रहने वाले बिहार क्रिकेट के लिए यह दिन दीपावली जैसा है। इस विशाल स्कोर ने (Emerging Players) के लिए प्रेरणा का काम किया है। बीसीसीआई के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में इस स्तर का प्रदर्शन करना यह दिखाता है कि राज्य में क्रिकेट का स्तर बहुत तेजी से सुधर रहा है। अब चयनकर्ताओं की नजरें निश्चित रूप से सकीबुल गनी और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों पर टिकी होंगी, जिन्होंने रातों-रात अपना नाम इतिहास में दर्ज करा लिया है।
क्रिकेट की दुनिया में बिहार की नई पहचान का उदय
अंततः यह कहा जा सकता है कि 574 रनों का यह आंकड़ा आने वाले कई दशकों तक सुरक्षित रह सकता है। बिहार की टीम ने जिस निडर अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने (Cricket Evolution) की एक नई तस्वीर पेश की है। प्लेट लेवल से उठकर इस तरह का प्रदर्शन करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक इस टीम को एक नई इज्जत और डर के साथ देखेंगे, क्योंकि बिहार ने दिखा दिया है कि उनके पास रनों का अंबार लगाने वाली मशीनें मौजूद हैं।



