UsmanTariq – गेंदबाजी एक्शन पर फिर तेज हुई बहस
UsmanTariq – अमेरिका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए उस्मान तारिक ने तीन विकेट लेकर पाकिस्तान को ग्रुप-ए में शीर्ष स्थान दिलाया। टीम की जीत जितनी चर्चा में नहीं रही, उससे कहीं ज्यादा उनके गेंदबाजी एक्शन को लेकर उठे सवालों ने सुर्खियां बटोरीं। मैच खत्म होते ही सोशल मीडिया पर चकिंग को लेकर बहस छिड़ गई, जो अब नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। यह विवाद अचानक नहीं उभरा है, बल्कि पिछले कुछ समय से अलग-अलग मंचों पर इस पर चर्चा होती रही है।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल
मैच के बाद कई क्रिकेट प्रशंसकों ने उस्मान के गेंद छोड़ने से ठीक पहले आने वाले छोटे से ठहराव पर आपत्ति जताई। कुछ लोगों ने इसे नियमों की भावना के खिलाफ बताया, जबकि अन्य ने इसे सामान्य तकनीकी भिन्नता माना। ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भी उनके एक्शन पर सवाल उठे थे, जब कैमरन ग्रीन ने सार्वजनिक तौर पर संदेह जताया था। तब से यह मुद्दा समय-समय पर चर्चा में आता रहा है।
हालिया प्रदर्शन ने इस बहस को फिर से हवा दे दी है। पाकिस्तान का अगला मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में भारत से है, ऐसे में यह विवाद बड़े मैच से पहले अतिरिक्त ध्यान खींच रहा है।
श्रीवत्स गोस्वामी ने उठाई ‘पॉज’ पर आपत्ति
पूर्व भारतीय विकेटकीपर श्रीवत्स गोस्वामी ने सीधे तौर पर कोहनी के मुड़ने के कोण पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि गेंद फेंकने से पहले आने वाले ठहराव को मुद्दा बनाया। उनका कहना था कि किसी भी खेल में रन-अप के दौरान रुकना संतुलन बिगाड़ सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि फुटबॉल में पेनल्टी लेते समय रन-अप के बीच रुकने की अनुमति नहीं होती, तो क्रिकेट में इस पर स्पष्टता क्यों नहीं होनी चाहिए।
गोस्वामी का तर्क था कि यदि एक्शन तकनीकी रूप से वैध भी हो, तो डिलीवरी से पहले का ‘पॉज’ खेल की निरंतरता पर असर डाल सकता है।
अश्विन ने नियमों की समानता पर उठाया प्रश्न
इस चर्चा में रविचंद्रन अश्विन भी शामिल हुए। उन्होंने फुटबॉल से की गई तुलना को रोचक बताया, लेकिन बहस को अलग दिशा दे दी। अश्विन का कहना था कि यदि बल्लेबाज बिना पूर्व सूचना के स्विच-हिट या रिवर्स शॉट खेल सकता है, तो गेंदबाज पर इतनी सख्ती क्यों?
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि गेंदबाज अपनी गेंदबाजी वाली बांह बदलने से पहले अंपायर को सूचित करने के लिए बाध्य होता है। अश्विन के अनुसार, नियमों की समीक्षा व्यापक दृष्टिकोण से होनी चाहिए ताकि दोनों पक्षों के बीच संतुलन बना रहे।
आकाश चोपड़ा ने जोड़ा तकनीकी पहलू
पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने भी इस बहस में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि ठहराव अपने आप में अवैध नहीं है, लेकिन उन्होंने तकनीकी सवाल उठाया। उनका कहना था कि यदि रन-अप से पर्याप्त गति नहीं बन रही, तो क्या केवल कलाई और बांह के सहारे गेंद की रफ्तार अचानक बढ़ाई जा सकती है?
चोपड़ा के इस सवाल ने चर्चा को भावनात्मक प्रतिक्रिया से निकालकर तकनीकी विश्लेषण की ओर मोड़ दिया। अब बहस केवल नियमों तक सीमित नहीं रही, बल्कि गेंदबाजी की बायोमैकेनिक्स तक पहुंच गई है।
आईसीसी की पूर्व जांच और स्थिति स्पष्ट
महत्वपूर्ण बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद पहले ही उस्मान तारिक के एक्शन की जांच कर चुकी है। दो अलग-अलग मौकों पर उनकी कोहनी का झुकाव निर्धारित 15 डिग्री की सीमा के भीतर पाया गया। इस आधार पर उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है।
उस्मान स्वयं भी कह चुके हैं कि उनकी बांह की बनावट स्वाभाविक रूप से अलग है, जिससे उनका एक्शन असामान्य प्रतीत हो सकता है। तकनीकी तौर पर वे नियमों के दायरे में हैं, लेकिन सार्वजनिक बहस थमती नहीं दिख रही।
भारत के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से पहले यह विवाद चर्चा का विषय बना रहेगा। हालांकि अंतिम फैसला मैदान पर प्रदर्शन ही करेगा, लेकिन फिलहाल गेंदबाजी एक्शन को लेकर मतभेद स्पष्ट रूप से सामने हैं।



