Under-19 World Cup – भारत की युवा टीम ने छठी बार रचा ऐतिहासिक अध्याय
Under-19 World Cup – हरारे की उमस भरी शाम में जब आखिरी विकेट गिरा, तो सिर्फ एक मैच नहीं खत्म हुआ, बल्कि भारतीय युवा क्रिकेट की एक और सुनहरी कहानी लिखी गई। आयुष म्हात्रे की अगुवाई वाली अंडर-19 पुरुष टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की और इस टूर्नामेंट में अपना रिकॉर्ड छठा खिताब पक्का किया। मैदान पर जश्न, ड्रेसिंग रूम में गले मिलते खिलाड़ी और स्टैंड्स में लहराते तिरंगे इस बात की गवाही दे रहे थे कि भारत की अगली पीढ़ी दबाव में भी बड़ा प्रदर्शन करना जानती है।

जीत पर गूंजती देशभर की तालियाँ
इस ऐतिहासिक सफलता की गूंज क्रिकेट मैदानों तक ही सीमित नहीं रही। देश के अलग-अलग हिस्सों से बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया और सोशल मीडिया पर टीम इंडिया ट्रेंड करने लगी। खेल प्रेमियों से लेकर आम दर्शकों तक, हर कोई इस उपलब्धि को भारतीय क्रिकेट के मजबूत भविष्य का संकेत मान रहा था।
अमिताभ बच्चन की भावुक प्रतिक्रिया
सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी अपनी खुशी खुलकर जाहिर की। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भारतीय अंडर-19 टीम को विश्व चैंपियन बनने पर बधाई दी और इसे देश के लिए गौरव का क्षण बताया। अपने संदेश में उन्होंने भारतीय क्रिकेट की विभिन्न श्रेणियों—पुरुष, महिला और दृष्टिबाधित क्रिकेट—की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए भारत के शीर्ष पर होने पर गर्व व्यक्त किया। उनके पोस्ट के साथ तिरंगे के इमोजी भी थे, जो राष्ट्रीय गौरव की भावना को रेखांकित कर रहे थे।
फिल्मी सितारों से मिली शुभकामनाएँ
अमिताभ बच्चन के अलावा बॉलीवुड के अन्य प्रमुख चेहरों ने भी टीम इंडिया के युवाओं की सराहना की। आयुष्मान खुराना ने फाइनल के जश्न का वीडियो अपनी सोशल मीडिया स्टोरी पर साझा करते हुए टीम को विश्व विजेता बताया। वहीं अनिल कपूर ने ट्रॉफी के साथ जश्न मनाते खिलाड़ियों की तस्वीर पोस्ट कर उन्हें इस शानदार जीत के लिए बधाई दी। इन प्रतिक्रियाओं ने जीत के उत्साह को और बढ़ा दिया।
फाइनल मुकाबले की पूरी तस्वीर
जिम्बाब्वे के हरारे में खेले गए फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के सामने विशाल 412 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में इंग्लिश टीम ने संघर्ष तो किया, लेकिन दबाव में बिखर गई और 40.2 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में अनुशासित प्रदर्शन करते हुए मैच पर पकड़ बनाए रखी और जीत सुनिश्चित की।
वैभव सूर्यवंशी का धमाकेदार प्रदर्शन
फाइनल के असली नायक वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने मात्र 80 गेंदों में 175 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ-साथ शानदार टाइमिंग भी दिखी, जिसने इंग्लैंड के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। उनकी पारी ने न सिर्फ टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया, बल्कि पूरे मैच का रुख भी तय कर दिया।
इंग्लैंड की जुझारू कोशिश
हालाँकि इंग्लैंड ने हार मानने के बजाय अंत तक लड़ने की कोशिश की। कैलेब फाल्कनर ने 67 गेंदों में 115 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों को कड़ी चुनौती दी, लेकिन लक्ष्य इतना बड़ा था कि उनकी शतकीय पारी भी टीम को जीत तक नहीं पहुँचा सकी।
खिताबों की मजबूत विरासत
यह जीत भारत के अंडर-19 क्रिकेट इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है। इससे पहले भारतीय टीम 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में भी इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर कब्जा कर चुकी है। हर खिताब के साथ भारतीय युवा क्रिकेट का ढाँचा और मजबूत होता गया है, जो राष्ट्रीय टीम के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
भविष्य की मजबूत नींव
यह सफलता सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के विकास मॉडल की पुष्टि है। घरेलू स्तर पर बेहतर ट्रेनिंग, आधुनिक कोचिंग और मजबूत प्रतिस्पर्धी ढाँचे ने इन खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आत्मविश्वास के साथ खेलने में मदद की है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आज के ये अंडर-19 सितारे आने वाले वर्षों में सीनियर टीम की रीढ़ बन सकते हैं।



