T20WorldCup – कोलकाता में सेमीफाइनल की दौड़ पर टिकी निगाहें
T20WorldCup – टी20 विश्वकप 2026 अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है जहां हर रन और हर ओवर की अहमियत बढ़ गई है। सुपर-8 चरण के मुकाबलों ने तस्वीर लगभग साफ कर दी है, लेकिन अंतिम चार की दौड़ अभी भी पूरी तरह तय नहीं हुई है। दक्षिण अफ्रीका ने जिम्बाब्वे पर जीत दर्ज करते ही सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया, जबकि इंग्लैंड पहले ही अगले दौर में जगह बना चुका है। अब बची हुई दो सीटों के लिए रोमांच अपने चरम पर है। एक ओर भारत और वेस्टइंडीज के बीच एक मार्च को कोलकाता में होने वाला मुकाबला है, तो दूसरी ओर न्यूजीलैंड और पाकिस्तान की किस्मत भी इंग्लैंड के परिणाम पर टिकी हुई है।

सेमीफाइनल की तस्वीर और बाकी समीकरण
ग्रुप-1 की अंक तालिका बताती है कि दक्षिण अफ्रीका चार अंकों के साथ शीर्ष पर है। वेस्टइंडीज और भारत के खाते में दो-दो अंक हैं, जबकि जिम्बाब्वे बाहर हो चुका है। ऐसे में भारत बनाम वेस्टइंडीज मुकाबला लगभग नॉकआउट की तरह है। जो टीम जीतेगी, वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेगी।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड को हरा देता है तो उसकी राह आसान हो जाएगी। लेकिन यदि इंग्लैंड जीतता है, तो पाकिस्तान के लिए उम्मीद जिंदा रहेगी। तब उसे अपने आखिरी मैच में श्रीलंका को तय अंतर से हराना होगा। कुल मिलाकर, अंक तालिका का हर अंक अब निर्णायक साबित हो सकता है।
भारत की बड़ी जीत, लेकिन अधूरा फायदा
भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कागज पर यह जीत प्रभावशाली दिखती है, लेकिन गेंदबाजी में ढील ने टीम को वह बढ़त नहीं दिलाई जिसकी उम्मीद थी। 257 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे ने 20 ओवर में 184 रन बना लिए।
भारत 72 रन से जीता जरूर, मगर नेट रन रेट में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। टीम का नेट रन रेट -3.80 से सुधरकर -0.100 तक आया, लेकिन यह अब भी वेस्टइंडीज से पीछे है। ऐसे मौके पर बड़ा अंतर बनाना जरूरी था, क्योंकि टूर्नामेंट के इस चरण में नेट रन रेट कई बार निर्णायक भूमिका निभाता है।
रणनीति पर उठे सवाल
मुकाबले के दौरान एक रणनीतिक फैसला चर्चा में रहा। जब विकेट निकालने और रन रोकने की जरूरत थी, तब प्रमुख गेंदबाजों के ओवर बचाए गए और शिवम दुबे से अतिरिक्त ओवर कराए गए। इन ओवरों में रन तेजी से बने, जिससे जिम्बाब्वे दबाव से बाहर निकल गया।
अगर डेथ ओवरों में जसप्रीत बुमराह या हार्दिक पांड्या का इस्तेमाल होता, तो रन गति पर अंकुश लगाया जा सकता था। विशेषज्ञों का मानना है कि 100 या उससे अधिक रन से जीत भारत को अंक तालिका में बेहतर स्थिति में ला सकती थी। इसी तरह वेस्टइंडीज ने पहले जिम्बाब्वे को 147 पर रोककर 107 रन की बड़ी जीत दर्ज की थी, जिससे उसका नेट रन रेट मजबूत हुआ।
बारिश का खतरा और भारत की चिंता
भारत और वेस्टइंडीज का मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डेन्स में खेला जाना है। यह मैच जीतने वाली टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। लेकिन अगर बारिश के कारण मैच रद्द हो गया, तो समीकरण भारत के खिलाफ जा सकता है।
नियमों के अनुसार, यदि दोनों पारियों में कम से कम पांच-पांच ओवर का खेल नहीं हो पाता, तो मुकाबला बेनतीजा घोषित किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेगा, लेकिन नेट रन रेट में कोई बदलाव नहीं होगा। चूंकि वेस्टइंडीज का नेट रन रेट बेहतर है, वह दक्षिण अफ्रीका के साथ अंतिम चार में पहुंच जाएगा और भारत बाहर हो जाएगा। इस मैच के लिए कोई रिजर्व डे भी निर्धारित नहीं है।
कोलकाता के मौसम का हाल
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट राहत देने वाली है। एक मार्च को दिन में बारिश की संभावना बेहद कम बताई गई है। हालांकि रात में हल्की बारिश की दो प्रतिशत आशंका जताई गई है और आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है।
फिलहाल संकेत यही हैं कि पूरा मुकाबला खेले जाने की संभावना है। भारतीय प्रशंसकों की नजरें आसमान पर भी टिकी रहेंगी, क्योंकि इस मैच का नतीजा ही टीम इंडिया का भविष्य तय करेगा।
वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी से चुनौती
वेस्टइंडीज की टीम ने हालिया मुकाबले में 83 रन पर सात विकेट गंवाने के बाद भी 176 रन बना दिए थे। यह दर्शाता है कि उनके बल्लेबाज किसी भी परिस्थिति में मैच का रुख बदल सकते हैं।
भारत के लिए जरूरी होगा कि गेंदबाजी संयोजन और रणनीति पर नए सिरे से विचार किया जाए। बड़े स्कोर बनाना पर्याप्त नहीं है, उन्हें बचाना भी उतना ही अहम है। सेमीफाइनल की दहलीज पर खड़ी भारतीय टीम के सामने अब केवल एक स्पष्ट लक्ष्य है—कोलकाता में जीत और बिना किसी गणित के अंतिम चार में प्रवेश।



