T20 World Cup India Squad Update: इतिहास रचने की दहलीज पर सूर्यकुमार यादव, क्या इस बार टूटेगा चैंपियन वाला रिकॉर्ड…
T20 World Cup India Squad Update: गत विजेता भारतीय क्रिकेट टीम एक बार फिर दुनिया को अपनी मुट्ठी में करने के लिए तैयार है। सूर्यकुमार यादव की आक्रामक कप्तानी में भारत अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप में अपने खिताब का बचाव करने उतरेगा। अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली सीनियर राष्ट्रीय चयन समिति ने शनिवार को (International Cricket Strategy) पर मुहर लगाते हुए 15 सदस्यीय शक्तिशाली दल की घोषणा कर दी है। बीसीसीआई मुख्यालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यही टीम विश्व कप से ठीक पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में भी अपनी ताकत दिखाएगी।

दक्षिण अफ्रीका की यादें और नया कीर्तिमान बनाने की चुनौती
साल 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को पटखनी देकर विश्व विजेता का गौरव हासिल किया था। अब टूर्नामेंट के 10वें संस्करण में भारत के पास वह कर दिखाने का मौका है जो आज तक कोई टीम नहीं कर सकी। टी20 विश्व कप के इतिहास में (Title Defense Record) अब तक एक पहेली बना हुआ है, क्योंकि कोई भी मौजूदा चैंपियन अपना खिताब बरकरार नहीं रख पाया है। अपनी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए टीम इंडिया इस बार इस मिथक को जड़ से उखाड़ फेंकने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
शुभमन गिल की छुट्टी और ईशान किशन का वनवास खत्म
इस टीम चयन में सबसे चौंकाने वाला फैसला सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल को बाहर करना रहा। खराब फॉर्म से जूझ रहे गिल अब टीम की उपकप्तानी से भी हाथ धो बैठे हैं। दूसरी ओर, विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन के लिए यह (Career Comeback Story) किसी चमत्कार से कम नहीं है। नवंबर 2023 के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर और बीसीसीआई के साथ विवादों में रहे ईशान ने घरेलू क्रिकेट में अपने बल्ले से करारा जवाब दिया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में उनके द्वारा जड़ा गया 101 रनों का शतक उनकी वापसी का मुख्य आधार बना है।
अक्षर पटेल को फिर मिली उपकप्तानी की जिम्मेदारी
शुभमन गिल के बाहर होने के बाद ऑलराउंडर अक्षर पटेल को एक बार फिर टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है। अक्षर की (Cricket Leadership Qualities) पर चयनकर्ताओं ने दोबारा भरोसा जताया है, क्योंकि वे पहले भी इस भूमिका को बखूबी निभा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि ईशान किशन की एंट्री ने जितेश शर्मा के लिए दरवाजे बंद कर दिए हैं। चयन समिति का मानना है कि ईशान की विस्फोटक बल्लेबाजी और हालिया फॉर्म टीम के संतुलन को मध्यक्रम और शीर्षक्रम दोनों में मजबूती प्रदान करेगी।
संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की नई सलामी जोड़ी
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने टीम की संरचना को लेकर स्पष्ट किया है कि संजू सैमसन प्राथमिक विकेटकीपर की भूमिका निभाएंगे। गिल की अनुपस्थिति में अब यह लगभग तय है कि युवा सनसनी अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन (Opening Batting Partnerships) की शुरुआत करेंगे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांचवें टी20 मैच में इस जोड़ी ने जो आतिशी प्रदर्शन किया था, उसे देखते हुए टीम मैनेजमेंट ने उन्हें विश्व कप जैसे बड़े मंच पर भी परखने का साहसी फैसला लिया है।
रिंकू सिंह की वापसी ने बढ़ाई मध्यक्रम की ताकत
फिनिशर की भूमिका में माहिर रिंकू सिंह ने एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। एशिया कप का हिस्सा रहने के बाद उन्हें कुछ सीरीज में नजरअंदाज किया गया था, लेकिन उनकी (Middle Order Finishing) क्षमताओं को देखते हुए उन्हें विश्व कप स्क्वाड में शामिल करना अनिवार्य समझा गया। रिंकू की उपस्थिति टीम को अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने का भरोसा देती है, जो टी20 प्रारूप में जीत और हार के बीच का सबसे बड़ा अंतर साबित होता है।
कोई स्टैंडबाई खिलाड़ी नहीं रखने का रणनीतिक फैसला
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस बार विश्व कप और न्यूजीलैंड सीरीज के लिए कोई भी रिजर्व या स्टैंडबाई खिलाड़ी नहीं रखा जाएगा। इस (Squad Management Policy) के पीछे का मुख्य तर्क यह है कि टूर्नामेंट का आयोजन भारत में ही हो रहा है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति या चोट लगने की सूरत में घरेलू क्रिकेट से तुरंत रिप्लेसमेंट बुलाना आसान होगा। साल 2024 के विश्व कप में भारत ने ट्रैवलिंग रिजर्व रखे थे, लेकिन इस बार टीम 15 खिलाड़ियों के मुख्य ग्रुप पर ही केंद्रित रहेगी।
टीम इंडिया के सामने मिशन वर्ल्ड कप की राह
सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली यह टीम युवाओं के जोश और अनुभवी सितारों का एक बेजोड़ मिश्रण नजर आ रही है। जहां एक तरफ संजू और अभिषेक की बेखौफ बल्लेबाजी है, वहीं दूसरी तरफ (Team India Bowling Attack) और स्पिन विभाग की कमान अनुभवी हाथों में है। घरेलू दर्शकों के सामने खेलना मानसिक दबाव और उत्साह दोनों पैदा करता है। अब देखना यह होगा कि क्या सूर्या की यह सेना 2024 के इतिहास को दोहराकर भारत को लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बना पाएगी।



