Rajasthan Royals Venue Update: क्या पिंक सिटी से दूर हो जाएंगे ‘रॉयल्स’, सवाई मानसिंह स्टेडियम पर मंडराया संकट का साया…
Rajasthan Royals Venue Update: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगाज से पहले राजस्थान रॉयल्स के फैंस के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जयपुर का ऐतिहासिक सवाई मानसिंह स्टेडियम, जो वर्षों से रॉयल्स का किला रहा है, अब फ्रेंचाइजी के हाथों से फिसलता नजर आ रहा है। दरअसल, ऐसी चर्चाएं तेज हैं कि राजस्थान रॉयल्स अपने कुछ घरेलू मुकाबले (Home Ground) पुणे में आयोजित करने पर विचार कर रही है। इस खबर ने न केवल स्थानीय प्रशंसकों को मायूस किया है, बल्कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की नींद भी उड़ा दी है, जो अब अपने घरेलू मैदान को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।

बीसीसीआई की चौखट पर पहुंचा आरसीए और आईपीएल का विवाद
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का दरवाजा खटखटाया है। आरसीए की एडहॉक कमेटी के अध्यक्ष डीडी कुमावत के नेतृत्व में एक औपचारिक पत्र (Official Complaint) बीसीसीआई और आईपीएल के शीर्ष अधिकारियों को भेजा गया है। इस पत्र के जरिए आरसीए ने मांग की है कि जयपुर को ही राजस्थान रॉयल्स का प्राथमिक घरेलू मैदान बनाए रखा जाए। एसोसिएशन का मानना है कि बातचीत के जरिए किसी भी गलतफहमी को दूर किया जा सकता है और वे पारदर्शिता के साथ इस मुद्दे का समाधान चाहते हैं।
सुरक्षा मानकों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर आरसीए का बड़ा आश्वासन
वेन्यू शिफ्ट होने की खबरों के पीछे अक्सर स्टेडियम की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की कमी का तर्क दिया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आरसीए ने बीसीसीआई को भरोसा दिलाया है कि आईपीएल 2026 की पहली गेंद फिंकने से पहले सवाई मानसिंह स्टेडियम में सभी जरूरी बदलाव (Infrastructure Standards) कर लिए जाएंगे। एसोसिएशन ने साफ किया है कि सुरक्षा, संरचना और सुविधाओं के मामले में अंतरराष्ट्रीय मानकों और सरकारी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। वे यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा के साथ रत्ती भर भी समझौता न हो।
पुणे शिफ्ट होने की खबरों पर आरसीए ने जताई कड़ी आपत्ति
पुणे में मैच आयोजित करने की रिपोर्ट्स पर आरसीए ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। एसोसिएशन का तर्क है कि सवाई मानसिंह स्टेडियम के किसी भी गोपनीय मूल्यांकन या स्वतंत्र निरीक्षण (Technical Evaluation) के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। आरसीए के मुताबिक, चूंकि यह स्टेडियम सरकारी स्वामित्व में आता है, इसलिए किसी भी प्रकार की जांच या आकलन सरकारी एजेंसियों और नियामक प्रक्रियाओं के दायरे में ही होना चाहिए। बिना एसोसिएशन को विश्वास में लिए मैदान की साख पर सवाल उठाना आरसीए को नागवार गुजर रहा है।
सवाई मानसिंह स्टेडियम की मजबूती का पेश किया गया सबूत
आरसीए ने अपने पत्र में सवाई मानसिंह स्टेडियम के गौरवशाली इतिहास का बचाव करते हुए कहा कि यह मैदान संरचनात्मक रूप से पूरी तरह सुरक्षित है। वर्षों से यहां आईपीएल, घरेलू टूर्नामेंट और अंतरराष्ट्रीय मैचों का सफल आयोजन (Match Hosting) होता रहा है और कभी कोई बड़ी सुरक्षा चूक नहीं हुई। आरसीए का दावा है कि स्टेडियम का संचालन पूरी क्षमता के साथ जारी है और यह किसी भी बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए हर तरह से सक्षम है, जिससे पुणे जाने का तर्क बेबुनियाद प्रतीत होता है।
विजय हजारे ट्रॉफी की सफलता को बनाया ढाल
अपनी तैयारियों को साबित करने के लिए आरसीए ने वर्तमान में राजस्थान में चल रही विजय हजारे ट्रॉफी का उदाहरण पेश किया है। उन्होंने बताया कि जयपुर के विभिन्न केंद्रों पर मैचों के दौरान बड़ी तादाद में दर्शकों (Crowd Management) की भीड़ जुटी, लेकिन कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। एसोसिएशन के अनुसार, यह इस बात का जीता-जागता सबूत है कि जयपुर का प्रशासनिक ढांचा और स्टेडियम बड़े आयोजनों को सुचारू रूप से संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, और इसी अनुभव का लाभ आईपीएल को भी मिलेगा।
फैंस की भावनाएं और रॉयल्स के साथ जयपुर का अटूट रिश्ता
लेख के अंत में आरसीए ने भावनात्मक कार्ड खेलते हुए कहा कि जयपुर और राजस्थान रॉयल्स का रिश्ता केवल व्यावसायिक नहीं बल्कि जज्बाती है। जयपुर के फैंस ने हर मुश्किल दौर में अपनी टीम का साथ दिया है और सवाई मानसिंह स्टेडियम का माहौल (Traditional Home) रॉयल्स के खिलाड़ियों को एक अलग ऊर्जा प्रदान करता है। आरसीए ने बीसीसीआई से पुरजोर अपील की है कि फैंस के उत्साह और क्रिकेट की परंपरा को देखते हुए आईपीएल 2026 के सभी घरेलू मैच जयपुर को ही आवंटित किए जाएं।



