KSCAHonor – चिन्नास्वामी में कुंबले-द्रविड़ के नाम पर स्टैंड
KSCAHonor – बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में जल्द ही भारतीय क्रिकेट के दो बड़े नाम स्थायी रूप से दर्ज हो जाएंगे। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने दिग्गज खिलाड़ी अनिल कुंबले और राहुल द्रविड़ के सम्मान में स्टेडियम के स्टैंड उनके नाम करने का निर्णय लिया है। यह फैसला न सिर्फ कर्नाटक क्रिकेट के लिए, बल्कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास के लिए भी खास माना जा रहा है।

कुंबले भारत के लिए टेस्ट और वनडे में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे हैं, जबकि द्रविड़ टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज हैं। दोनों खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय टीम की कप्तानी की और बाद में कोच के रूप में भी योगदान दिया।
कुंबले ने जताई भावनाएं
इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल कुंबले ने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का नहीं, बल्कि कर्नाटक क्रिकेट की सामूहिक यात्रा का प्रतीक है। उनके अनुसार, जिस तरह खिलाड़ियों ने राज्य क्रिकेट को ऊंचाई दी, उसी तरह कर्नाटक क्रिकेट ने भी उन्हें पहचान दिलाई।
कुंबले ने यह भी कहा कि स्टैंड का नाम किसके नाम पर है, यह उतना महत्वपूर्ण नहीं, जितना यह तथ्य कि योगदान को औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया है। उन्होंने इसे पूरे क्रिकेट समुदाय के लिए गर्व का क्षण बताया।
शांता रंगास्वामी को भी मिलेगा सम्मान
संघ ने महिला क्रिकेट में योगदान के लिए पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी के नाम पर भी एक स्टैंड समर्पित करने का निर्णय लिया है। यह कदम कर्नाटक और भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास को मान्यता देने के रूप में देखा जा रहा है।
कुंबले ने कहा कि उनके साथी खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और शांता रंगास्वामी का सम्मान होना बेहद खुशी की बात है। उन्होंने याद किया कि कई दिग्गजों के साथ खेलने और उनसे सीखने का अवसर मिला, जिन्होंने राज्य क्रिकेट की मजबूत नींव रखी।
द्रविड़ ने साझा की यादें
राहुल द्रविड़ ने चिन्नास्वामी स्टेडियम को अपना दूसरा घर बताया। उन्होंने कहा कि यह वही मैदान है जहां उन्होंने अपने करियर का बड़ा हिस्सा बिताया। यहां जीत की खुशियां भी मिलीं और हार की निराशा भी, लेकिन हर अनुभव ने उन्हें बेहतर खिलाड़ी और इंसान बनाया।
द्रविड़ ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ और इस ऐतिहासिक मैदान के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके मुताबिक, अगर यह मंच न होता तो उनका क्रिकेट सफर शायद इतना समृद्ध न होता।
कर्नाटक क्रिकेट के लिए अहम कदम
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि स्टेडियम में स्टैंड का नामकरण केवल प्रतीकात्मक कदम नहीं होता, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता है। जब युवा खिलाड़ी इन नामों को देखते हैं, तो उन्हें यह एहसास होता है कि मेहनत और समर्पण से क्या हासिल किया जा सकता है।
कर्नाटक लंबे समय से भारतीय क्रिकेट को प्रतिभाएं देता रहा है। ऐसे में यह निर्णय उस विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चिन्नास्वामी स्टेडियम में अब इन दिग्गजों के नाम हमेशा के लिए दर्ज रहेंगे, जो राज्य और देश दोनों के क्रिकेट इतिहास में अमिट छाप छोड़ चुके हैं।



