IPLTeams – कुंबले ने मुंबई और चेन्नई को बताया लीग की सबसे सफल टीमें
IPLTeams – आईपीएल के इतिहास में सबसे सफल टीमों को लेकर अक्सर क्रिकेट जगत में चर्चा होती रही है। इस बहस में कई बार अलग-अलग विशेषज्ञ अपनी राय रखते हैं। भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले ने भी हाल ही में इस विषय पर अपनी बात साझा की। उनका मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में अगर सबसे मजबूत फ्रेंचाइजी की बात की जाए तो मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स लगभग एक ही स्तर पर नजर आती हैं।

कुंबले के अनुसार दोनों टीमों ने अलग-अलग रणनीतियों के साथ सफलता हासिल की है, लेकिन उपलब्धियों के लिहाज से दोनों का प्रदर्शन लगभग बराबरी का रहा है। यही कारण है कि किसी एक टीम को दूसरी से बेहतर बताना आसान नहीं है।
चेन्नई सुपर किंग्स की रणनीति और अनुभव
एक क्रिकेट चर्चा के दौरान कुंबले ने कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स की सबसे बड़ी ताकत उनकी स्थिर टीम रणनीति रही है। इस फ्रेंचाइजी ने लंबे समय तक अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखा है और टीम चयन में निरंतरता दिखाई है।
उनके मुताबिक चेन्नई प्रबंधन ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देता है जिन्होंने पहले ही अंतरराष्ट्रीय या घरेलू स्तर पर खुद को साबित किया हो। यही वजह है कि टीम के अंदर एक मजबूत संतुलन बना रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में टीम ने कुछ नए खिलाड़ियों को भी मौका दिया है, जिन्होंने अपनी क्षमता से पहचान बनानी शुरू कर दी है।
मुंबई इंडियंस की पहचान नई प्रतिभाओं को अवसर
कुंबले ने मुंबई इंडियंस की सफलता का दूसरा पहलू भी बताया। उनके अनुसार यह टीम युवा खिलाड़ियों को खोजने और उन्हें बड़े मंच पर स्थापित करने के लिए जानी जाती है। मुंबई ने कई ऐसे क्रिकेटरों को मौका दिया जिन्हें शुरुआत में ज्यादा पहचान नहीं मिली थी, लेकिन बाद में वही खिलाड़ी टीम और देश के लिए अहम साबित हुए।
उन्होंने उदाहरण देते हुए हार्दिक पांड्या, क्रुणाल पांड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों का जिक्र किया, जो मुंबई इंडियंस से उभरकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। हाल के समय में नेहल वढेरा जैसे युवा खिलाड़ियों ने भी इस टीम के लिए प्रभावशाली प्रदर्शन किया है, हालांकि अब वे किसी अन्य फ्रेंचाइजी से जुड़े हुए हैं।
आरसीबी की ट्रॉफी जीत पर भी जताई राय
अनिल कुंबले ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की हालिया सफलता पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि टीम की जीत को केवल किसी एक खिलाड़ी के प्रदर्शन से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। उनके अनुसार आरसीबी की सफलता में टीम के गेंदबाजी विभाग ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कुंबले का मानना है कि पिछले सत्र में जब भी बेंगलुरु ने महत्वपूर्ण मुकाबले जीते, तब गेंदबाजों का प्रदर्शन निर्णायक रहा। उन्होंने जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार के योगदान की सराहना की, वहीं स्पिन विभाग में क्रुणाल पांड्या और सुयश शर्मा ने भी प्रभावशाली भूमिका निभाई।
टीम संतुलन को बताया सफलता का आधार
कुंबले के अनुसार किसी भी फ्रेंचाइजी की सफलता के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों का संतुलन बेहद जरूरी होता है। उनका कहना है कि आरसीबी की जीत में यह संतुलन स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु के घरेलू मैदान चिन्नास्वामी स्टेडियम में दर्शकों का उत्साह हमेशा देखने लायक होता है। विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक स्टेडियम पहुंचते हैं, लेकिन अब टीम के पास मजबूत गेंदबाजी संयोजन भी है, जो मुकाबलों में अंतर पैदा करने की क्षमता रखता है।
कुंबले का मानना है कि आने वाले सीजन में भी दर्शकों को इन टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।



