India vs New Zealand T20: विशाखापत्तनम टी20 में हार के बावजूद शिवम दुबे के प्रदर्शन ने खींचा ध्यान
India vs New Zealand T20: न्यूजीलैंड के खिलाफ विशाखापत्तनम में खेले गए टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को भले ही 50 रनों की शिकस्त का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस मैच ने टीम इंडिया को भविष्य के लिए एक बड़ा भरोसा दिया है। भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने ऑलराउंडर शिवम दुबे के खेल की जमकर प्रशंसा की है। गावस्कर का मानना है कि दुबे अब महज एक पावर-हिटर नहीं रह गए हैं, बल्कि वे एक परिपक्व और पूर्ण टी20 ऑलराउंडर के रूप में विकसित हो चुके हैं। आगामी टी20 विश्व कप के लिहाज से दुबे का यह बदला हुआ स्वरूप भारतीय टीम के संतुलन के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दुबे का साहसी खेल
इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी क्रम लड़खड़ा गया था और टीम ने महज 63 रनों पर अपने चार प्रमुख विकेट गंवा दिए थे। रिंकू सिंह के आउट होने के बाद सारा दारोमदार शिवम दुबे के कंधों पर आ गया था। रायपुर में खेले गए पिछले मैच में जहां उन्हें केवल अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने की जिम्मेदारी मिली थी, वहीं विशाखापत्तनम में उन्हें पारी को संभालने और आगे बढ़ाने की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ा। दुबे ने इस भूमिका को बखूबी निभाया और मैदान पर उतरते ही अपने आक्रामक इरादे स्पष्ट कर दिए। उनकी बल्लेबाजी ने दबाव को विपक्षी गेंदबाजों पर स्थानांतरित करने का काम किया।
सुनील गावस्कर ने की दुबे की टाइमिंग और ताकत की तारीफ
मैच के बाद सुनील गावस्कर ने एक खेल चैनल पर चर्चा के दौरान दुबे की पारी के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। गावस्कर ने कहा कि जब कोई बल्लेबाज निचले क्रम पर आता है, तो उसे अक्सर बहुत कम गेंदे खेलने को मिलती हैं। हालांकि, इस मैच में जल्दी मौका मिलने पर दुबे ने जिस तरह का आत्मविश्वास दिखाया, वह सराहनीय था। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर शानदार छक्का जड़कर अपनी लय हासिल कर ली। गावस्कर के अनुसार, दुबे के पास ताकत, स्विंग और टाइमिंग का एक दुर्लभ संयोजन है, जो उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों की श्रेणी में खड़ा करता है।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में जड़ा तीसरा सबसे तेज अर्धशतक
शिवम दुबे की इस पारी की सबसे बड़ी विशेषता उनकी निरंतरता रही। आमतौर पर उन्हें स्पिन गेंदबाजों के विरुद्ध अधिक प्रभावी माना जाता है, लेकिन इस बार उन्होंने तेज गेंदबाजों के सामने भी कड़े प्रहार किए। उन्होंने मात्र 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी भारतीय द्वारा बनाया गया तीसरा सबसे तेज अर्धशतक है। इस सूची में अब उनका नाम युवराज सिंह और अभिषेक शर्मा जैसे दिग्गजों के साथ जुड़ गया है। दुबे ने अपनी 65 रनों की पारी के दौरान सात गगनचुंबी छक्के लगाए, जिससे भारतीय टीम एक समय सम्मानजनक स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी।
गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में बढ़ता आत्मविश्वास
बल्लेबाजी के अलावा शिवम दुबे की गेंदबाजी में आया सुधार भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए राहत की खबर है। पिछले तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि उनकी गेंदबाजी औसत में निरंतर सुधार हुआ है। साल 2024 के बाद से उन्होंने अपनी लाइन और लेंथ पर काफी काम किया है, जिसका परिणाम मैदान पर दिखाई दे रहा है। सुनील गावस्कर ने जोर देते हुए कहा कि दुबे का दो से तीन ओवर प्रभावी गेंदबाजी कर पाना उन्हें एक मूल्यवान खिलाड़ी बनाता है। अब वे केवल एक फिनिशर नहीं बल्कि एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच की किसी भी परिस्थिति में टीम की नैया पार लगा सकते हैं।



