Dhruv Jurel Century in Vijay Hazare Trophy: क्या अब टीम इंडिया में पक्की हो गई है इस युवा विकेटकीपर की जगह…
Dhruv Jurel Century in Vijay Hazare Trophy: भारतीय टीम भले ही वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से विश्राम पर हो, लेकिन घरेलू क्रिकेट के मैदानों पर भारतीय खिलाड़ी अपने बल्ले से आग उगल रहे हैं। विजय हजारे ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में हर दिन नए रिकॉर्ड बन रहे हैं और खिलाड़ी अपनी दावेदारी (Team India Selection Stakes) को मजबूत करने के लिए जी-जान लगा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को उत्तर प्रदेश के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने एक ऐसी पारी खेली, जिसने चयनकर्ताओं के दरवाजे पर जोर की दस्तक दी है।

बड़ौदा के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए जुरेल का प्रहार
उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हुए ध्रुव जुरेल ने बड़ौदा के खिलाफ मुकाबले में बल्लेबाजी का नया मानक स्थापित किया। जब वे तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वह (List A Cricket Records) के पन्नों में अपना नाम इतनी मजबूती से दर्ज करा देंगे। उन्होंने महज 101 गेंदों का सामना किया और 160 रनों की अविश्वसनीय नाबाद पारी खेलकर मैदान के चारों ओर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
पहली सेंचुरी और छक्कों की बरसात का अद्भुत मंजर
ध्रुव जुरेल के करियर के लिए यह मैच बेहद खास रहा क्योंकि यह लिस्ट ए क्रिकेट में उनका पहला शतक था। अपनी इस विध्वंसक पारी के दौरान उन्होंने (Aggressive Batting Performance) का परिचय देते हुए 15 शानदार चौके और 8 गगनचुंबी छक्के जड़े। उनकी इस आतिशी पारी की बदौलत उत्तर प्रदेश की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 369 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसे देख विपक्षी खेमा पूरी तरह बैकफुट पर आ गया।
रिंकू सिंह और अभिषेक गोस्वामी का मिला साथ
उत्तर प्रदेश के बड़े स्कोर में केवल जुरेल का ही नहीं, बल्कि अन्य खिलाड़ियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। सलामी बल्लेबाज अभिषेक गोस्वामी ने संभलकर खेलते हुए 51 गेंदों पर 51 रन बनाए, जबकि अंत में (Rinku Singh Batting Form) ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की। रिंकू ने 67 गेंदों पर 63 रनों की सूझबूझ भरी पारी खेली, जिससे टीम को वह फिनिशिंग टच मिला जिसकी जरूरत एक बड़े लक्ष्य के लिए होती है।
वनडे डेब्यू के इंतजार में खड़ा एक प्रतिभावान खिलाड़ी
हैरानी की बात यह है कि ध्रुव जुरेल ने अब तक भारत के लिए टेस्ट और टी20 फॉर्मेट में अपनी चमक बिखेरी है, लेकिन उन्हें वनडे इंटरनेशनल में मौका नहीं मिला है। उन्होंने 9 टेस्ट मैचों में (Test Cricket Career Statistics) के तहत 459 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक भी शामिल है। अब विजय हजारे ट्रॉफी में इस तरह के प्रदर्शन के बाद उनके वनडे डेब्यू की राह काफी आसान नजर आ रही है, क्योंकि वे सफेद गेंद के खेल में भी पूरी तरह ढल चुके हैं।
न्यूजीलैंड सीरीज के लिए चयनकर्ताओं की बढ़ी सिरदर्दी
अगले महीने की 11 तारीख से भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज शुरू होने वाली है। हालांकि अभी तक टीम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन (BCCI Selection Committee Updates) पर सबकी निगाहें टिकी हैं। जुरेल की 160 रनों की पारी ने निश्चित रूप से चयनकर्ताओं को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या उन्हें बैकअप विकेटकीपर या एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर टीम में शामिल किया जाना चाहिए।
ईशान किशन बनाम ध्रुव जुरेल की दिलचस्प जंग
विकेटकीपर बल्लेबाज के स्थान के लिए टीम इंडिया में प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी हो गई है। वर्तमान में ईशान किशन को इस रेस में सबसे आगे माना जा रहा है, लेकिन जुरेल की इस (Domestic Cricket Performance) ने समीकरण बदल दिए हैं। बीसीसीआई अब युवा जोश और अनुभव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेगी, जहां जुरेल का हालिया फॉर्म उन्हें ईशान के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती के रूप में खड़ा कर रहा है।
क्या जुरेल बनेंगे टीम इंडिया के अगले मैच फिनिशर
ध्रुव जुरेल की बल्लेबाजी में जो सबसे खास बात दिखी है, वह है उनकी पारी को अंत तक ले जाने की क्षमता। मैच की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना और फिर (High Strike Rate Batting) के साथ विपक्षी टीम को मैच से बाहर कर देना उनकी खासियत बनती जा रही है। यदि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ मौका मिलता है, तो वह भारतीय मध्यक्रम को एक नई मजबूती और गहराई प्रदान कर सकते हैं।



