CricketNews – इंग्लैंड टीम से बाहर होने पर लिविंगस्टोन ने उठाए सवाल
CricketNews – इंग्लैंड के ऑलराउंडर लियाम लिविंगस्टोन ने टीम से बाहर किए जाने के तरीके पर खुलकर अपनी बात रखी है, जिससे इंग्लैंड क्रिकेट में एक नई चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने मौजूदा टीम मैनेजमेंट और संवाद व्यवस्था को लेकर असंतोष जताया है। लिविंगस्टोन का कहना है कि खिलाड़ियों के साथ जिस तरह का व्यवहार होना चाहिए, वह उन्हें महसूस नहीं हुआ। खास तौर पर टीम से बाहर किए जाने की प्रक्रिया ने उन्हें हैरान किया।

टीम से बाहर होने की जानकारी पर सवाल
लिविंगस्टोन ने बताया कि मार्च 2025 में खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था, लेकिन इस फैसले की जानकारी देने का तरीका उन्हें असामान्य लगा। उनके मुताबिक, मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने उन्हें फोन कर यह बात बताई, लेकिन बातचीत बेहद छोटी रही। उन्होंने कहा कि यह कॉल एक मिनट से भी कम समय में खत्म हो गई, जिससे उन्हें अपनी स्थिति समझने का मौका ही नहीं मिला। जब उन्होंने कारण पूछा तो जवाब मिला कि टीम किसी और खिलाड़ी को आजमाना चाहती है।
चयन प्रक्रिया में संवाद की कमी का आरोप
लिविंगस्टोन ने यह भी कहा कि चयनकर्ताओं की ओर से कोई स्पष्ट बातचीत नहीं हुई। चयनकर्ता ल्यूक राइट ने उनसे संपर्क नहीं किया, जबकि कप्तान हैरी ब्रूक ने सिर्फ एक संदेश भेजकर बात खत्म कर दी। उनका मानना है कि इस तरह की प्रक्रिया किसी भी पेशेवर खिलाड़ी के लिए निराशाजनक होती है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम के अंदर और बाहर खिलाड़ियों के साथ व्यवहार में अंतर महसूस होता है।
बोर्ड प्रबंधन पर भी उठे सवाल
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के प्रबंध निदेशक रॉब की के साथ अपने अनुभव का जिक्र करते हुए लिविंगस्टोन ने कहा कि उन्हें वहां से भी अपेक्षित संवाद नहीं मिला। उन्होंने बताया कि शुरुआती बातचीत के बाद उन्हें आश्वासन दिया गया था कि बाद में बात होगी, लेकिन लंबे समय तक कोई संपर्क नहीं हुआ। जब उन्होंने खुद संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें व्यस्तता का हवाला दिया गया। इस पूरे अनुभव को उन्होंने निराशाजनक बताया।
टीम माहौल को लेकर व्यक्त की राय
लिविंगस्टोन ने टीम के माहौल पर भी टिप्पणी की। उनका कहना है कि जब कोई खिलाड़ी टीम का हिस्सा होता है तो सब कुछ सामान्य लगता है, लेकिन बाहर होने पर स्थिति बदल जाती है। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें काफी कुछ सिखाया और खेल को लेकर उनका नजरिया भी बदला। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब वह अपने खेल का आनंद लेने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
प्रदर्शन और प्रतिस्पर्धा का असर
लिविंगस्टोन का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला फरवरी 2025 में भारत के खिलाफ था। इसके बाद से टीम में उनकी जगह विल जैक्स को मौका मिला, जिन्होंने हालिया टूर्नामेंट्स में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। ऐसे में टीम में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है और वापसी की राह आसान नहीं दिख रही। लिविंगस्टोन ने स्वीकार किया कि मौजूदा हालात में टीम में जगह बनाना चुनौतीपूर्ण होगा।
भविष्य को लेकर अनिश्चितता
लगातार बाहर रहने और टीम मैनेजमेंट के साथ अनुभवों के बाद लिविंगस्टोन ने संकेत दिए हैं कि मौजूदा व्यवस्था में उनकी वापसी मुश्किल हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने प्रदर्शन पर ध्यान दे रहे हैं और आने वाले समय में अवसर मिलने की उम्मीद बनाए हुए हैं। यह मामला अब इंग्लैंड क्रिकेट में खिलाड़ियों और प्रबंधन के बीच संवाद को लेकर एक अहम मुद्दा बनता नजर आ रहा है।



