BCCI Central Contract Structural Changes: रोहित-कोहली के ग्रेड पर गिरेगी गाज, बदल जाएगा क्रिकेट का पूरा गणित
BCCI Central Contract Structural Changes: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) खेल के गलियारों में एक ऐसा बड़ा धमाका करने की तैयारी में है, जो क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बोर्ड अपने वार्षिक अनुबंध प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन करने की योजना (Indian Cricket Governance Updates) बना रहा है। इस नए प्रस्ताव के तहत सबसे प्रीमियम मानी जाने वाली ‘ए+’ कैटेगरी को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है, जो अब तक शीर्ष खिलाड़ियों की पहचान रही है।

रोहित और कोहली के भविष्य पर लटकी तलवार
अगर बीसीसीआई का यह नया कॉन्ट्रैक्ट मॉडल लागू होता है, तो भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े स्तंभ, रोहित शर्मा और विराट कोहली, के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। बताया जा रहा है कि इन दोनों दिग्गजों को (Senior Player Contract Status) आगामी सूची में ‘ग्रेड बी’ में धकेला जा सकता है। यह खबर इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि ये दोनों खिलाड़ी वर्षों से टीम इंडिया की रीढ़ रहे हैं और हमेशा उच्चतम श्रेणी का हिस्सा रहे हैं।
क्यों खत्म की जा रही है ए+ कैटेगरी
अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति का मानना है कि वर्तमान अनुबंध संरचना काफी जटिल हो चुकी है और इसे सरल बनाने की जरूरत है। बोर्ड अब केवल तीन श्रेणियां—ए, बी और सी—रखने पर विचार (BCCI Performance Based Pay) कर रहा है ताकि प्रदर्शन और उपलब्धता के आधार पर वेतन का वितरण अधिक तार्किक हो सके। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य कॉन्ट्रैक्ट को अधिक पारदर्शी और परिणाम-केंद्रित बनाना है।
रिटायरमेंट का फैसला पड़ा भारी
रोहित शर्मा और विराट कोहली की ग्रेडिंग में गिरावट का एक मुख्य कारण उनका हालिया करियर ग्राफ भी है। चूंकि दोनों सितारों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से (Cricket Retirement Impact Analysis) संन्यास ले लिया है, इसलिए वे अब केवल एक फॉर्मेट यानी वनडे के लिए उपलब्ध रहते हैं। बीसीसीआई की नई नीति के अनुसार, उच्च ग्रेड केवल उन्हीं खिलाड़ियों को मिलेगा जो खेल के तीनों प्रारूपों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
वर्तमान वेतन संरचना और ग्रेड का गणित
अभी तक की व्यवस्था के अनुसार, ए+ ग्रेड में रहने वाले खिलाड़ियों को सालाना सात करोड़ रुपये की रिटेनर फीस दी जाती है। वहीं, ए ग्रेड के लिए पांच करोड़, बी के लिए तीन करोड़ और सी ग्रेड के लिए (Annual Retainer Fee Structure) एक करोड़ रुपये निर्धारित हैं। यदि रोहित और कोहली को बी ग्रेड में डाला जाता है, तो उन्हें सालाना चार करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जो उनके कद को देखते हुए काफी बड़ी बात है।
कैसे तय होती है किसी खिलाड़ी की किस्मत
बीसीसीआई के अनुबंध में जगह बनाना किसी भी खिलाड़ी के लिए गौरव की बात होती है, लेकिन इसके नियम काफी सख्त हैं। ग्रेड तय करते समय टेस्ट क्रिकेट को सबसे ऊपर (Test Cricket Priority Policy) रखा जाता है और जो खिलाड़ी लंबे प्रारूप में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, उनका पलड़ा भारी रहता है। इसके अलावा, एक निश्चित संख्या में मैच खेलना और फिटनेस के मानकों पर खरा उतरना भी अनिवार्य होता है, जिसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाती।
युवाओं के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर
बोर्ड के इस कड़े रुख का सीधा फायदा युवा प्रतिभाओं को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों को, जो भविष्य में (Emerging Cricket Talents India) तीनों फॉर्मेट के कप्तान के रूप में देखे जा रहे हैं, ए+ की जगह ए श्रेणी में प्रमोट किया जा सकता है। यह बदलाव संकेत देता है कि भारतीय क्रिकेट अब एक बड़े ‘ट्रांजिशन फेज’ से गुजर रहा है, जहां पुरानी पीढ़ी से बागडोर नई पीढ़ी के हाथों में सौंपी जा रही है।
घरेलू क्रिकेट की अनिवार्यता का कड़ा नियम
बीसीसीआई ने पिछले कुछ समय में यह साफ कर दिया है कि जो खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें घरेलू क्रिकेट में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी ही होगी। श्रेयस अय्यर और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों को (Domestic Cricket Participation Rules) इसी नियम की अनदेखी के कारण पिछले अनुबंध से बाहर का रास्ता देखना पड़ा था। बोर्ड का यह स्पष्ट संदेश है कि स्टार पावर से ऊपर खेल के प्रति अनुशासन और प्रतिबद्धता है।
क्या विवादों में घिर जाएगा बीसीसीआई का फैसला
रोहित और विराट केवल खिलाड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों फैंस की भावनाएं हैं, ऐसे में उन्हें निचले ग्रेड में रखना सार्वजनिक बहस का मुद्दा बन सकता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि (BCCI Selection Transparency Debate) हालांकि यह फैसला तकनीकी रूप से सही हो सकता है, लेकिन दिग्गजों के सम्मान को लेकर सवाल उठना लाजिमी है। अब सबकी निगाहें अपेक्स काउंसिल की अगली मीटिंग पर हैं, जहां इस ऐतिहासिक बदलाव पर अंतिम मुहर लगनी है।



