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Ashes 4th Test Match Highlights: क्या इंग्लैंड के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा स्टीव स्मिथ का ये करिश्माई कारनामा…

Ashes 4th Test Match Highlights: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच जारी ऐतिहासिक एशेज सीरीज का चौथा टेस्ट मुकाबला किसी रोमांचक फिल्म से कम नहीं लग रहा है। इस मैच में दोनों ही टीमों के धाकड़ बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे और पिच पर पूरी तरह से गेंदबाजों का दबदबा (Cricket Pitch Conditions) नजर आया। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में बोर्ड पर केवल 152 रन लगाए थे, जिससे ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड की टीम बड़ी बढ़त बना लेगी। हालांकि, इसके उलट इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज भी ताश के पत्तों की तरह ढह गए और पूरी टीम अपनी पहली पारी में महज 110 रनों के मामूली स्कोर पर सिमट गई।

Ashes 4th Test Match Highlights
Ashes 4th Test Match Highlights
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स्टीव स्मिथ ने लपका जीत का मंत्र और रचा इतिहास

इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज खिलाड़ी स्टीव स्मिथ अपनी बल्लेबाजी से ज्यादा अपनी फील्डिंग की वजह से चर्चा के केंद्र में रहे। उन्होंने मैदान पर चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए दो ऐसे महत्वपूर्ण कैच (Steve Smith Records) लपके जिन्होंने मैच का पासा ही पलट दिया। स्मिथ की इस चौकसी ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। पहली पारी के दौरान उन्होंने अपनी सुरक्षित हथेलियों से न केवल मैच पर पकड़ मजबूत की, बल्कि क्रिकेट जगत के उन आंकड़ों को भी हिलाकर रख दिया जो लंबे समय से स्थिर बने हुए थे।

‘दीवार’ को पीछे छोड़ स्मिथ बने फील्डिंग के नए सुल्तान

मैदान पर जैक क्रॉली और बेन स्टोक्स का कैच थामते ही स्टीव स्मिथ ने एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर दिया, जो सदियों तक याद रखा जाएगा। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच लेने के मामले में भारतीय दिग्गज (Rahul Dravid Test Records) राहुल द्रविड़ को पीछे छोड़ दिया है और अब वह इस सूची में दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। जहाँ द्रविड़ के नाम 210 टेस्ट कैच दर्ज थे, वहीं स्मिथ के अब कुल 212 कैच हो गए हैं। इस समय स्मिथ से आगे केवल इंग्लैंड के जो रूट हैं, जिनके नाम 214 कैच दर्ज हैं।

बेजोड़ बल्लेबाजी और लाजवाब फील्डिंग का संगम है यह खिलाड़ी

स्टीव स्मिथ को केवल एक बेहतरीन फील्डर कहना उनके कौशल के साथ न्याय नहीं होगा, क्योंकि वह वर्तमान पीढ़ी के सबसे महान बल्लेबाजों में से एक हैं। साल 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (Australian Cricket History) की दुनिया में कदम रखने वाले स्मिथ ने बहुत कम समय में खुद को टीम की रीढ़ साबित किया है। उनके खेलने का अंदाज और दबाव में रन बनाने की उनकी कला उन्हें दुनिया के अन्य खिलाड़ियों से कोसों आगे खड़ा करती है। उन्होंने मैदान के हर कोने में रन बनाकर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

दस हजार रनों का आंकड़ा पार कर चुके हैं मॉडर्न मास्टर

सांख्यिकी की बात करें तो स्टीव स्मिथ के बल्ले ने टेस्ट क्रिकेट में आग उगली है। अब तक खेले गए 122 टेस्ट मैचों में उन्होंने 10,500 से ज्यादा (Test Cricket Career Stats) रन बनाए हैं, जो उनकी निरंतरता का प्रमाण है। उनके खाते में 36 शानदार शतक और 44 अर्धशतक दर्ज हैं, जो किसी भी गेंदबाज के लिए डरावने सपने जैसा है। अपनी अनोखी तकनीक और मानसिक मजबूती के कारण स्मिथ ने दुनिया भर के पिचों पर राज किया है और चौथे टेस्ट में भी उनकी मौजूदगी मात्र से विपक्षी टीम तनाव में दिखी।

पहली पारी में 42 रनों की मनोवैज्ञानिक बढ़त ने बढ़ाया जोश

जब ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी 152 रनों पर समाप्त की थी, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि उन्हें बढ़त मिलेगी। सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा (Usman Khawaja Batting) की 29 रनों की जुझारू पारी को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज टिक नहीं सका। इंग्लैंड की ओर से जोस टंग ने पांच विकेट लेकर कहर बरपाया था। लेकिन जब इंग्लैंड की बल्लेबाजी आई, तो ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने भी ईंट का जवाब पत्थर से दिया। इंग्लैंड को 110 पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी के आधार पर 42 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई।

इंग्लैंड के फ्लॉप शो ने फैंस को किया निराश

मेजबान टीम इंग्लैंड के लिए यह टेस्ट अब तक किसी दुःस्वप्न जैसा रहा है। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने में नाकाम रहे उनके बल्लेबाजों ने (England Batting Collapse) खेल के बुनियादी सिद्धांतों को नजरअंदाज किया। जिस पिच पर धैर्य की जरूरत थी, वहाँ इंग्लिश बल्लेबाजों ने गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर अपने विकेट गंवाए। 110 रनों पर ऑल-आउट होना न केवल टीम के आत्मविश्वास को चोट पहुँचाता है, बल्कि सीरीज में उनकी वापसी की उम्मीदों को भी धूमिल करता है।

क्या चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया अपनी पकड़ बना पाएगा?

पहली पारी की 42 रनों की बढ़त भले ही अंकों में छोटी लग रही हो, लेकिन इस कम स्कोर वाले मैच में यह बढ़त निर्णायक साबित हो सकती है। अब सारा दारोमदार दूसरी पारी (Match Winning Strategy) पर है, जहाँ ऑस्ट्रेलिया की कोशिश एक बड़ा लक्ष्य सेट करने की होगी। यदि स्मिथ और ख्वाजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी दूसरी पारी में पिच पर टिक गए, तो इंग्लैंड के लिए इस मैच को बचा पाना नामुमकिन हो जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या इंग्लैंड के गेंदबाज फिर से वापसी कर पाएंगे।

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