SupremeCourtHearing – गाजियाबाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस और अस्पतालों पर उठाए सवाल
SupremeCourtHearing – गाजियाबाद में चार वर्षीय बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या के मामले ने अब न्यायिक स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस और निजी अस्पतालों के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई है। अदालत ने घटनाक्रम पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए पुलिस आयुक्त को तलब किया है और जांच अधिकारी को भी अगली सुनवाई में पेश होने का निर्देश दिया है। यह मामला न केवल अपराध की गंभीरता बल्कि जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है।

घटना के बाद पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
यह घटना 16 मार्च 2026 की है, जब नंदग्राम थाना क्षेत्र में घर के बाहर खेल रही एक चार साल की बच्ची अचानक लापता हो गई थी। बाद में उसका शव घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों में मिला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन पीड़ित परिवार पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं था। परिवार का आरोप है कि मामले के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं, विशेषकर दुष्कर्म की दिशा में जांच को नजरअंदाज किया गया।
परिजनों ने न्याय के लिए खटखटाया अदालत का दरवाजा
पीड़ित बच्ची के परिजनों ने स्थानीय स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया और जांच को सीमित दायरे में रखकर आगे बढ़ाया। पीड़ित पिता ने अदालत में कहा कि उनकी बेटी के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई, लेकिन इस पहलू पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
अदालत ने संस्थागत संवेदनशीलता पर जताई चिंता
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने न केवल पुलिस बल्कि निजी अस्पतालों के रवैये को भी कठघरे में खड़ा किया। अदालत ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में संबंधित संस्थाओं से अधिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की अपेक्षा की जाती है। अदालत की टिप्पणी से यह संकेत मिलता है कि जांच और पीड़ित के प्रति व्यवहार दोनों ही स्तरों पर सुधार की आवश्यकता महसूस की गई है।
घटना के क्रम को लेकर सामने आए तथ्य
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बच्ची को उस समय अपने साथ ले गया, जब वह घर के बाहर खेल रही थी। आरोप है कि वह उसे एक स्थानीय बाजार ले गया, जहां उसने खाने-पीने की चीजें दिलाईं। इसके बाद वह उसे सुनसान स्थान पर ले गया, जहां कथित तौर पर दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से कुछ सामान भी बरामद हुआ, जो घटना से जुड़ा माना जा रहा है।
आगे की सुनवाई पर टिकी नजरें
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 अप्रैल की तारीख तय की है, जिसमें जांच अधिकारी को भी पेश होना होगा। इस सुनवाई से यह उम्मीद की जा रही है कि मामले की जांच प्रक्रिया पर और स्पष्टता सामने आएगी। अदालत की सख्ती को देखते हुए यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली की परीक्षा भी बन गया है।



