SocialMediaWar – डिजिटल अभियान को लेकर भाजपा ने उठाए गंभीर सवाल
SocialMediaWar – केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आए एक व्यंग्यात्मक डिजिटल समूह को लेकर बड़ा बयान दिया है। शनिवार को उन्होंने आरोप लगाया कि यह ऑनलाइन अभियान केवल मजाक या व्यंग्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे भारत विरोधी एजेंडा काम कर रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य देश की राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता को प्रभावित करना हो सकता है।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में चंद्रशेखर ने दावा किया कि यह डिजिटल नेटवर्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ माहौल तैयार करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इसे एक योजनाबद्ध ऑनलाइन अभियान बताते हुए कहा कि इसमें सीमा पार से संचालित प्रभाव तंत्र की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सोशल मीडिया और एआई के इस्तेमाल पर जताई चिंता
भाजपा नेता ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, बॉट नेटवर्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल केवल सूचना साझा करने के लिए नहीं हो रहा, बल्कि इनका उपयोग जनमत को प्रभावित करने के लिए भी किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कई बार डिजिटल माध्यमों पर कृत्रिम तरीके से तैयार किए गए मुद्दों को वास्तविक जनभावना की तरह पेश किया जाता है।
उनके मुताबिक यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और आर्थिक प्रगति से कुछ विदेशी ताकतें और राजनीतिक हित समूह असहज हैं। इसी वजह से देश की विकास यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर नकारात्मक माहौल तैयार करने की कोशिशें दिखाई देती हैं।
वैश्विक चुनौतियों के बीच सरकार की नीतियों का उल्लेख
चंद्रशेखर ने अपने बयान में कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन संघर्ष, ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर खुद को मजबूत बनाए रखा है। उनके अनुसार केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश ने कठिन परिस्थितियों में भी स्थिरता बनाए रखी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को कमजोर करने के लिए कई तरह के डिजिटल और राजनीतिक अभियान सामने आ रहे हैं। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि ऐसे प्रयास देश की विकास प्रक्रिया को रोक नहीं पाएंगे।
सोशल मीडिया अकाउंट पर कार्रवाई और पुलिस की चेतावनी
इस बीच, सोशल मीडिया पर सक्रिय रहे संबंधित समूह के एक प्रमुख एक्स अकाउंट को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रतिबंध के कुछ समय बाद ही एक नए नाम से दूसरा अकाउंट सामने आया, जिसने ऑनलाइन चर्चा को और बढ़ा दिया।
उधर, बंगलूरू पुलिस ने भी इस मामले में सतर्कता बरतने की अपील की है। पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर प्रसारित उन संदेशों से सावधान रहने को कहा है, जिनमें 24 मई को टाउन हॉल के पास मानव श्रृंखला कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि इस आयोजन के लिए प्रशासनिक अनुमति नहीं दी गई है, इसलिए नागरिक ऐसे संदेशों को बिना पुष्टि साझा न करें।
विपक्षी दलों के समर्थन से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
यह मामला तब और चर्चा में आ गया जब केरल के कुछ विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों ने इस ऑनलाइन अभियान का समर्थन किया। कांग्रेस, आईयूएमएल और वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े कुछ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से इसके पक्ष में बयान दिए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया आधारित अभियानों का राजनीतिक विमर्श पर असर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चल रही गतिविधियां अब केवल ऑनलाइन बहस तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि वे सीधे राजनीतिक माहौल और जनचर्चा को भी प्रभावित कर रही हैं।