SignatureForgery – हस्ताक्षर जालसाजी जांच के बीच अभिषेक बनर्जी पहुंचे हाईकोर्ट
SignatureForgery – तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले में राज्य सीआईडी की संभावित कार्रवाई से राहत पाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। अदालत ने उन्हें इस मामले में याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है, जिसमें एफआईआर को चुनौती देने के साथ-साथ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा की मांग की जा सकती है।

विधायकों की शिकायत से शुरू हुआ विवाद
यह मामला टीएमसी के दो विधायकों द्वारा विधानसभा सचिवालय में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक प्रस्ताव पत्र पर उनके हस्ताक्षर कथित रूप से फर्जी तरीके से इस्तेमाल किए गए। यह प्रस्ताव बालीगंज से विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त करने से संबंधित बताया गया था। शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई थी।
निलंबित विधायकों की शिकायत पर दर्ज हुई प्राथमिकी
विधानसभा सचिवालय ने टीएमसी से निलंबित किए गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा की शिकायत के आधार पर कोलकाता पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में राज्य सरकार के गृह विभाग ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी। दोनों विधायकों को बाद में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में टीएमसी से निष्कासित कर दिया गया था।
हाईकोर्ट ने याचिका दाखिल करने की दी अनुमति
अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश वकीलों ने अवकाशकालीन पीठ के समक्ष मौखिक अनुरोध किया था। इसके बाद न्यायमूर्ति अपूर्बा सिन्हा रे की पीठ ने उन्हें औपचारिक याचिका दाखिल करने की अनुमति प्रदान की। याचिका में एफआईआर की वैधता को चुनौती देने और जांच के दौरान किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई से संरक्षण की मांग की जाएगी।
सुनवाई जल्द होने की संभावना
बनर्जी के अधिवक्ताओं के अनुसार, इस मामले पर अदालत में शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है। राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के एक प्रमुख नेता का नाम सामने आया है।
सीआईडी ने फिर जारी किया पेशी का निर्देश
सीआईडी ने हाल ही में अभिषेक बनर्जी को हस्ताक्षर जालसाजी मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। हालांकि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए निर्धारित तारीख पर जांच एजेंसी के सामने उपस्थित होने में असमर्थता जताई थी। इसके साथ ही उन्होंने पेशी के लिए अतिरिक्त समय की मांग भी की थी।
आठ जून को जांच अधिकारी के सामने होना होगा उपस्थित
मामले से जुड़ी ताजा जानकारी के अनुसार, सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को 8 जून को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का नया निर्देश दिया है। अब इस मामले में अदालत की कार्यवाही और जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।