Salarimala Gold Theft ED Raid Update: भगवान के खजाने पर पड़ा डाका! सबरीमाला सोना चोरी मामले में ED का बड़ा एक्शन
Salarimala Gold Theft ED Raid Update: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को सबरीमाला मंदिर से जुड़े करोड़ों के सोना चोरी मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एजेंसी ने धन शोधन (Money Laundering Investigation Kerala) की जांच के तहत केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई ने दक्षिण भारत के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि मामला सीधे तौर पर भगवान अयप्पा के मंदिर की सुरक्षा और मर्यादा से जुड़ा हुआ है।

21 ठिकानों पर PMLA के तहत कसता शिकंजा
जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत लगभग 21 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है। इन छापों का मुख्य उद्देश्य (PMLA Provisions Enforcement) उस अवैध धन के लेन-देन का पता लगाना है, जो मंदिर के सोने को हड़पने के बाद इधर-उधर किया गया था। ईडी की टीमें सुबह से ही संदिग्धों के ठिकानों पर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगालने में जुटी हुई हैं, जिससे कई बड़े राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्य आरोपी और टीडीबी के पूर्व अध्यक्ष रडार पर
इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी की नजर मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष ए पद्मकुमार पर टिकी है। बंगलूरू सहित (Sabarimala Corruption Case Suspects) अन्य शहरों में इनसे जुड़े परिसरों पर छापेमारी की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि मंदिर के प्रशासन से जुड़े ऊंचे पदों पर बैठे लोगों ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर इस सुनियोजित चोरी को अंजाम दिया था।
केरल उच्च न्यायालय की सीधी निगरानी में जांच
सबरीमाला मंदिर से जुड़ा यह मामला बेहद संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी जांच केरल उच्च न्यायालय की देखरेख में की जा रही है। ईडी ने केरल पुलिस (High Court Monitored Investigation) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को आधार बनाकर अपना केस फाइल किया है। इससे पहले राज्य की विशेष जांच टीम (SIT) भी इस मामले के आपराधिक पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है, जिसमें अब ईडी की एंट्री ने जांच को नया मोड़ दे दिया है।
गर्भगृह के दरवाजों और मूर्तियों से गायब हुआ सोना
यह पूरा विवाद भगवान अयप्पा मंदिर की बेशकीमती कलाकृतियों और पवित्र वस्तुओं से सोना गायब होने से संबंधित है। एसआईटी की जांच में (Sabarimala Temple Gold Theft) यह सामने आया है कि मंदिर के द्वारपालक की मूर्तियों पर लगी सोने की प्लेटों और श्रीकोविल यानी गर्भगृह के दरवाजों के फ्रेम से सोना बड़ी ही चालाकी से चुराया गया था। यह केवल एक चोरी नहीं बल्कि भक्तों की आस्था के साथ किया गया एक बहुत बड़ा विश्वासघात माना जा रहा है।
प्रशासनिक चूक या कोई गहरी आपराधिक साजिश
जांच में अब तक प्रशासनिक चूक और आधिकारिक कदाचार के कई गंभीर उदाहरण सामने आए हैं। अधिकारियों का मानना है कि (Administrative Misconduct Sabarimala) मंदिर के भीतर मौजूद सोने को हड़पने के लिए एक आपराधिक साजिश रची गई थी, जिसमें प्रशासन के कई अंदरूनी लोग शामिल हो सकते हैं। ईडी अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि चोरी किए गए सोने को कहां ठिकाने लगाया गया और उससे हुई कमाई का इस्तेमाल कहां किया गया।
दक्षिण भारत की राजनीति में फिर उबाल
सबरीमाला का मुद्दा हमेशा से ही केरल और आसपास के राज्यों में राजनीतिक चर्चा का केंद्र रहा है। अब ईडी की इस सक्रियता ने (South Indian Political Reaction) राज्य सरकार और विपक्षी दलों के बीच एक नया वाकयुद्ध छेड़ दिया है। जहां एक ओर इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी जीत बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग भी कह रहे हैं। हालांकि, आम भक्तों की मांग केवल इतनी है कि भगवान का चुराया हुआ खजाना वापस मिले और दोषियों को सजा हो।
आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना
ED द्वारा की जा रही इस सघन तलाशी के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मामले से जुड़े कई रसूखदार लोग हिरासत में लिए जा सकते हैं। जब्त किए गए (Financial Fraud Legal Action) दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी उन बैंक खातों और संपत्तियों का ब्यौरा जुटा रही है, जो पिछले कुछ वर्षों में संदिग्ध तरीके से बनाई गई थीं। आने वाले 48 घंटे सबरीमाला मंदिर मामले की दिशा और दशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं।



