ParliamentMeet – पणजी में सीपीए सम्मेलन, ओम बिरला करेंगे उद्घाटन
ParliamentMeet – लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरुवार को गोवा की राजधानी पणजी में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) इंडिया रीजन के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विधानसभाओं के बीच संवाद को मजबूत करना और संसदीय कार्यप्रणाली से जुड़े बेहतर अनुभवों को साझा करना है। इसके साथ ही क्षेत्रीय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

संसदीय सहयोग और विकास पर रहेगा फोकस
सीपीए के जोन-7 के तहत आयोजित इस सम्मेलन में कई अहम विषयों को चर्चा के लिए रखा गया है। इनमें 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा विधायकों की भूमिका प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा व्यापार, पर्यटन, शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण और तटीय संपर्क जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। आयोजकों का मानना है कि इन मुद्दों पर सामूहिक विचार-विमर्श से नीति निर्माण को नई दिशा मिल सकती है।
जोन-7 का पहला सम्मेलन, नई संरचना के बाद आयोजन
सीपीए इंडिया रीजन का पुनर्गठन वर्ष 2024 में किया गया था, जिसके बाद इसे नौ जोन में विभाजित किया गया। जोन-7 में गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र की विधानसभाएं शामिल हैं। इस नई संरचना के बाद यह इस जोन का पहला सम्मेलन है, इसलिए इसे विशेष महत्व दिया जा रहा है। वर्तमान में गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष इस जोन के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
समापन सत्र में कई वरिष्ठ नेता होंगे मौजूद
सम्मेलन का समापन 10 अप्रैल को प्रस्तावित है, जिसमें कई प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे। इस सत्र में गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की उपस्थिति तय है। इसके अलावा गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, महाराष्ट्र और गुजरात की विधानसभाओं के अध्यक्ष भी अपने विचार रखेंगे।
विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि भी लेंगे भाग
इस सम्मेलन में कई राज्यों के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान और तेलंगाना की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारी इसमें शामिल होंगे। साथ ही, केंद्रीय मंत्रियों, गोवा के सांसदों और जोन-7 के सदस्य राज्यों के विधायकों की मौजूदगी भी रहेगी। इससे सम्मेलन को व्यापक प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है।
नीति निर्माण और अनुभव साझा करने का मंच
यह सम्मेलन विधायकों और नीति निर्माताओं के लिए एक ऐसा मंच प्रदान करता है, जहां वे अपने अनुभव साझा कर सकते हैं और एक-दूसरे से सीख सकते हैं। संसदीय प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर समन्वय स्थापित करना भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।


