LPGSupply – जारी है ईरान युद्ध के बीच देश में गैस आपूर्ति संतुलित रखने की तैयारी
LPGSupply – देश में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर ईरान में जारी युद्ध की वजह से एलपीजी सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को आवश्यक सेवाएं बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाते हुए एस्मा लागू करने का फैसला किया। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की उपलब्धता में किसी तरह की परेशानी न हो और आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

घरेलू गैस सिलेंडरों को प्राथमिकता देने का निर्देश
सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों और रिफाइनरी इकाइयों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मौजूदा हालात को देखते हुए एलपीजी उत्पादन में तेजी लाई जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि वाणिज्यिक सिलेंडरों की तुलना में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाए। सरकार का मानना है कि इस कदम से आम उपभोक्ताओं की जरूरतें पहले पूरी की जा सकेंगी और रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित नहीं होगी।
सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गैस के उत्पादन से लेकर उसकी ढुलाई और वितरण तक किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। संबंधित एजेंसियों और कंपनियों को आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने के लिए पूरी क्षमता के साथ काम करने को कहा गया है, ताकि देश के किसी भी हिस्से में गैस की कमी की स्थिति पैदा न हो।
कुछ सेक्टरों को मिलेगी पूरी गैस सप्लाई
सरकार ने अपनी अधिसूचना में कुछ अहम क्षेत्रों को प्राथमिकता श्रेणी में रखा है। इन सेक्टरों को गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। इनमें पाइपलाइन आधारित सेवाएं जैसे पीएनजी, सीएनजी और एलपीजी से जुड़ी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इन सेवाओं को 100 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि शहरों में गैस आधारित परिवहन और घरेलू पाइपलाइन गैस सेवाएं सामान्य रूप से जारी रह सकें।
इसके अलावा उर्वरक उद्योग को भी जरूरी श्रेणी में रखा गया है। आदेश के अनुसार फर्टिलाइजर संयंत्रों को उनकी नियमित आपूर्ति का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। वहीं चाय उद्योग, विनिर्माण इकाइयों और अन्य औद्योगिक संस्थानों के लिए गैस सप्लाई उनके निर्धारित कोटे के करीब 80 प्रतिशत तक जारी रखने का निर्देश दिया गया है।
गैस वितरण कंपनियों को जारी किए गए निर्देश
देशभर में गैस वितरण का काम करने वाली कंपनियों को भी स्थिति के अनुसार संचालन करने को कहा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक और व्यावसायिक उपयोग के लिए गैस की आपूर्ति लगभग 80 प्रतिशत स्तर तक जारी रखी जाएगी, ताकि उद्योगों की गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित न हों। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता पहले की तरह बनी रहे।
रिफाइनिंग कंपनियों से उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस आदेश को सख्ती से लागू किया जाएगा और संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी रखेंगे।
गैस सिलेंडर बुकिंग पर फिर लागू हुआ 25 दिन का नियम
गैस की उपलब्धता संतुलित बनाए रखने के लिए सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर लेने के बाद अगले सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन पूरे होने के बाद ही कर पाएंगे। कुछ समय पहले यह सीमा हटा दी गई थी, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इसे फिर से लागू कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि इस नियम का उद्देश्य जमाखोरी और कालाबाजारी की संभावना को रोकना है। यदि बड़ी संख्या में लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करने लगें तो बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है। इसलिए बुकिंग के लिए समय सीमा तय की गई है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को बराबरी से गैस मिल सके।
अंतरराष्ट्रीय हालात से प्रभावित हुई सप्लाई
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि ईरान में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। इसी वजह से कई देशों में ऊर्जा बाजार पर नजर रखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संकेत भी मिल रहे हैं कि यह संघर्ष अब अंतिम चरण में पहुंच सकता है।
ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में आपूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है। फिलहाल सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए घरेलू गैस वितरण प्रणाली को सुरक्षित रखने और उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी से बचाने के लिए यह व्यवस्था लागू की है।



