KeralaPolitics – विधानसभा चुनाव से पहले एलडीएफ को लेकर भाकपा का भरोसेमंद दावा
KeralaPolitics – आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सत्तारूढ़ वामपंथी गठबंधन एलडीएफ के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने गठबंधन की संभावनाओं को लेकर स्पष्ट और संतुलित राय रखी है। उन्होंने विश्वास जताया कि एलडीएफ लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता में वापसी करेगा और चुनावी नतीजे मौजूदा शासन के पक्ष में आएंगे।

चुनावी माहौल को लेकर एलडीएफ के भीतर भरोसा
बिनॉय विश्वम का कहना है कि इस बार के विधानसभा चुनाव सामान्य नहीं हैं, बल्कि पिछले एक दशक के शासन के कामकाज का मूल्यांकन भी हैं। उनके अनुसार, राज्य की जनता ने जिन नीतियों और प्रशासनिक फैसलों को पिछले वर्षों में देखा है, वे चुनावी नतीजों पर सीधा असर डालेंगे। एलडीएफ को इस बात का भरोसा है कि सरकार द्वारा किए गए फैसलों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता सकारात्मक रूप से देख रही है।
नेतृत्व का सवाल नतीजों के बाद होगा तय
मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर विश्वम ने साफ किया कि यह विषय चुनाव परिणाम सामने आने के बाद ही औपचारिक रूप से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एलडीएफ एक सामूहिक गठबंधन है, जहां सभी सहयोगी दलों की राय को महत्व दिया जाता है। नतीजे आने के बाद गठबंधन के भीतर चर्चा होगी और नेतृत्व को लेकर अंतिम निर्णय सामूहिक सहमति से लिया जाएगा।
माकपा की भूमिका को लेकर स्पष्ट संकेत
विश्वम ने यह भी रेखांकित किया कि माकपा एलडीएफ गठबंधन की सबसे बड़ी घटक पार्टी है, इसलिए अंतिम निर्णय में उसकी भूमिका अहम होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी फैसले से पहले गठबंधन के सभी घटकों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। उनका मानना है कि गठबंधन की मजबूती इसी सामूहिक निर्णय प्रक्रिया में निहित है।
पिनाराई विजयन के योगदान पर जोर
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की चुनावी भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर भाकपा नेता ने कहा कि पिछले दस वर्षों में राज्य के प्रशासन में उनकी भूमिका निर्णायक रही है। उनके नेतृत्व में लिए गए फैसले, अपनाई गई नीतियां और संकट के समय सरकार का रुख चुनावी अभियान का अहम हिस्सा होंगे। विश्वम के अनुसार, किसी भी लंबे शासन का मूल्यांकन जनता उसके कामकाज के आधार पर ही करती है।
वामपंथी विचारधारा को बताया चुनावी आधार
बिनॉय विश्वम ने यह भी कहा कि आने वाले चुनावों में एलडीएफ का नेतृत्व उसकी वामपंथी विचारधारा करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि गठबंधन का चुनावी एजेंडा सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। उनका मानना है कि यही विचारधारा एलडीएफ को अन्य राजनीतिक विकल्पों से अलग बनाती है और जनता के बीच उसका भरोसा कायम रखती है।
संतुलित बयान, स्पष्ट संदेश
कुल मिलाकर, भाकपा राज्य सचिव का बयान गठबंधन के भीतर आत्मविश्वास और अनुशासन दोनों को दर्शाता है। उन्होंने न तो नेतृत्व को लेकर जल्दबाजी दिखाई और न ही चुनावी नतीजों पर अतिशयोक्तिपूर्ण दावा किया। उनका जोर इस बात पर रहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अंतिम फैसला जनता का होता है और उसी के बाद गठबंधन आगे की दिशा तय करेगा।



