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KeralaPolitics – चुनाव प्रचार थमने से पहले कांग्रेस ने उठाए 10 बड़े सवाल

KeralaPolitics – केरल में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार खत्म होने से ठीक पहले सियासी माहौल अचानक गर्म हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को एक खुला पत्र लिखकर उनके दस साल के कार्यकाल पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस पत्र में उन्होंने राज्य सरकार के कई फैसलों और कथित तौर पर केंद्र तथा भाजपा नेताओं के साथ संबंधों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। चुनावी माहौल के बीच उठे इन सवालों ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।

खुले पत्र के जरिए सीएम से जवाब की मांग

केसी वेणुगोपाल ने अपने पत्र में कहा कि राज्य एक महत्वपूर्ण चुनावी मोड़ पर खड़ा है और ऐसे समय में जनता को मुख्यमंत्री के पिछले कार्यकाल का स्पष्ट लेखा-जोखा मिलना चाहिए। उन्होंने दस प्रमुख मुद्दों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री से सीधे जवाब देने की मांग की। वेणुगोपाल के अनुसार, इन सवालों का संबंध शासन की पारदर्शिता और राजनीतिक ईमानदारी से जुड़ा हुआ है।

भाजपा नेताओं से मुलाकातों पर उठे सवाल

पत्र में मुख्यमंत्री की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से हुई मुलाकातों का जिक्र करते हुए वेणुगोपाल ने पूछा कि इन बैठकों का वास्तविक उद्देश्य क्या था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या ये मुलाकातें आधिकारिक थीं या इनके पीछे कोई अन्य राजनीतिक कारण था। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हुई बैठकों को लेकर भी उन्होंने स्पष्टता मांगी है।

पीएम श्री योजना और नीतिगत फैसलों पर आपत्ति

कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार द्वारा पीएम श्री योजना को लागू करने और बाद में वापस लेने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय बिना व्यापक सहमति के लिया गया और सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी इस पर असहमति रही। उनके अनुसार, ऐसे फैसले राजनीतिक समझौतों की ओर इशारा कर सकते हैं।

श्रम कानून और ट्रेड यूनियन से जुड़े मुद्दे

वेणुगोपाल ने श्रम संहिता से जुड़े नियमों और ट्रेड यूनियन पंजीकरण शुल्क बढ़ाने जैसे कदमों पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि ये फैसले सहयोगी दलों से पर्याप्त चर्चा के बिना लिए गए और इससे श्रमिक संगठनों में असंतोष पैदा हुआ। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इन कदमों के पीछे कुछ विशेष हितों को साधने की कोशिश हो सकती है।

पुराने और संवेदनशील मामलों का भी जिक्र

पत्र में एसएनसी-लावालिन मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बार-बार हो रही सुनवाई स्थगन पर सवाल उठाए। साथ ही, एक्सलॉजिक, कोडाकारा हवाला और मुख्यमंत्री के बेटे से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय के नोटिस जैसे मामलों का भी जिक्र किया गया। उन्होंने इन सभी मामलों में सरकार की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

पुलिस अधिकारी और जांच मामलों पर भी सवाल

एडीजीपी एम.आर. अजीत कुमार को लेकर भी वेणुगोपाल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस नेताओं से कथित संबंधों के बावजूद उन्हें संरक्षण मिल रहा है। इसके अलावा, सोना और डॉलर तस्करी मामलों में जांच की स्थिति और राज्य सरकार द्वारा गठित आयोग की प्रगति पर भी जानकारी मांगी गई है।

चुनाव से पहले बढ़ा सियासी तनाव

वेणुगोपाल ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के जवाब का इंतजार करेंगे और उम्मीद जताई कि जनता के सामने सच्चाई रखी जाएगी। हालांकि, इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री कार्यालय या सत्तारूढ़ दल की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। नौ अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले यह मुद्दा राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।

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