KeralaAssemblyElection – UDF में पीवी अनवर की बेपोर से उम्मीदवारी लगभग तय
KeralaAssemblyElection – केरल में अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों की राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज होती जा रही हैं। हालांकि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन राज्य कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष सनी जोसेफ के हालिया बयान ने बेपोर निर्वाचन क्षेत्र को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट कर दी है। जोसेफ के अनुसार, पूर्व विधायक पीवी अनवर कोझिकोड जिले की बेपोर सीट से UDF के संभावित उम्मीदवार होंगे। अनवर ने हाल ही में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) से अलग होने के बाद विधानसभा से इस्तीफा दिया था और इसके बाद तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था, जो अब UDF की सहयोगी पार्टी बन चुकी है। पिछले कई हफ्तों से अनवर बेपोर क्षेत्र में लगातार सक्रिय दिख रहे हैं, जिससे यह अटकलें तेज हो गई थीं कि वह पर्यटन मंत्री पीए मोहम्मद रियास के खिलाफ मैदान में उतर सकते हैं, जो मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के दामाद भी हैं।

उम्मीदवारी पर सनी जोसेफ की स्पष्ट पुष्टि
अनवर की संभावित उम्मीदवारी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सनी जोसेफ ने साफ शब्दों में कहा कि वह UDF के उम्मीदवार होंगे और जीत हासिल करेंगे। हालांकि उन्होंने टिकट को लेकर औपचारिक प्रक्रिया या अंतिम घोषणा की समय-सीमा पर विस्तार से कुछ नहीं बताया। इसी दिन अनवर ने चालियम बंदरगाह का दौरा किया और स्थानीय मछुआरों तथा मछली व्यापारियों से बातचीत की, उनके मुद्दों को सुना और क्षेत्र की समस्याओं को समझने की कोशिश की। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या उनकी उम्मीदवारी तय हो चुकी है, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से परहेज किया और कहा कि चुनाव लड़ने का फैसला उचित समय पर लिया जाएगा।
रियास पर अनवर के तीखे राजनीतिक हमले
पर्यटन मंत्री पीए मोहम्मद रियास को लेकर अपनी पूर्व टिप्पणियों पर पूछे गए सवालों के जवाब में अनवर ने अपने रुख को दोहराया। उन्होंने स्वीकार किया कि रियास एक राजनेता हैं, लेकिन आरोप लगाया कि राज्य सरकार और CPI(M) पार्टी पर एक परिवार विशेष का दबदबा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन वरिष्ठ नेताओं ने वर्षों तक पार्टी के लिए काम किया, उनकी आवाज अब कमजोर पड़ती जा रही है और जमीनी कार्यकर्ताओं में भी असंतोष दिख रहा है। अनवर ने यह भी कहा कि आम लोगों से जुड़े कई मुद्दों का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आलोचना व्यक्तिगत नहीं बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक कामकाज से जुड़ी है।
LDF की विकास रैली पर सवाल
राज्यव्यापी विकास रैली को लेकर LDF पर निशाना साधते हुए अनवर ने कहा कि अगर सरकार वाकई बड़े पैमाने पर विकास कर चुकी है, तो ऐसी प्रचार रैलियों की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने इसे जनता को प्रभावित करने की कोशिश करार दिया। हालांकि CPI(M) और LDF की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
निलंबूर से बेपोर तक—अनवर की नई राजनीतिक जमीन
पीवी अनवर इससे पहले मलप्पुरम जिले की निलंबूर सीट से विधायक रह चुके हैं, लेकिन अब उनका पूरा ध्यान बेपोर पर केंद्रित है। यह क्षेत्र तटीय अर्थव्यवस्था, मछली उद्योग और शहरी-ग्रामीण मिश्रित जनसांख्यिकी के कारण राजनीतिक रूप से अहम माना जाता है। स्थानीय मतदाताओं के साथ उनकी बढ़ती सक्रियता को UDF की व्यापक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि आने वाले हफ्तों में गठबंधन अपने उम्मीदवारों और सीट-बंटवारे को अंतिम रूप देने की तैयारी में है।
आगे की राह: गठबंधन की रणनीति और संभावित मुकाबला
बेपोर सीट UDF के लिए प्रतीकात्मक और रणनीतिक दोनों मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि अनवर यहां से मैदान में उतरते हैं, तो उनका मुकाबला मौजूदा पर्यटन मंत्री पीए मोहम्मद रियास से हो सकता है, जो चुनाव को और भी दिलचस्प बना देगा। तृणमूल कांग्रेस के साथ समन्वय, स्थानीय समीकरण और विकास के मुद्दे आने वाले दिनों में गठबंधन की रणनीति तय करेंगे। आधिकारिक घोषणा भले ही बाकी हो, लेकिन बेपोर में चुनावी तस्वीर अब धीरे-धीरे आकार लेती दिखाई दे रही है।



