Karnataka Government: कर्नाटक के मंत्री ने कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन की मौत पर उठाए सवाल, जांच के घेरे में विभाग
Karnataka Government: बेंगलुरु में मशहूर रियल एस्टेट कारोबारी और कॉन्फिडेंट ग्रुप के संस्थापक सीजे रॉय की दुखद मृत्यु ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए इसे सामान्य आत्महत्या के बजाय सरकारी एजेंसियों द्वारा कथित ‘उत्पीड़न’ का नतीजा बताया है। इस घटना के बाद से ही राज्य की कानून व्यवस्था और केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है। सरकार ने मामले की तह तक जाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं।

आयकर विभाग की कार्रवाई और घटनाक्रम
यह पूरा मामला शुक्रवार दोपहर का है जब बेंगलुरु के पॉश इलाके रिचमंड सर्कल स्थित कंपनी के मुख्यालय में सीजे रॉय ने खुद को गोली मार ली। चश्मदीदों और शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना दोपहर लगभग सवा तीन बजे की है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले तीन दिनों से आयकर विभाग के अधिकारी कंपनी के ठिकानों पर लगातार तलाशी और पूछताछ का अभियान चला रहे थे। बताया जा रहा है कि छापेमारी की प्रक्रिया के दौरान ही रॉय ने यह आत्मघाती कदम उठाया, जिससे विभाग की कार्यशैली पर अब गंभीर उंगलियां उठ रही हैं।
उत्पीड़न के आरोपों पर सरकार का सख्त रुख
मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सीधे तौर पर केंद्र सरकार और आयकर विभाग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि एक सफल उद्यमी का इस तरह चले जाना समाज और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी क्षति है। खरगे ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर जिस तरह का दबाव बनाया गया, वह असहनीय था। उन्होंने इसे विभाग की तानाशाही और मानसिक प्रताड़ना करार दिया है। राज्य सरकार अब उन सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच कराएगी जो उस समय मौके पर मौजूद थे या पिछले कुछ दिनों से इस छापेमारी का हिस्सा थे।
कॉर्पोरेट जगत में पसरा सन्नाटा और चिंता
सीजे रॉय न केवल एक बड़े बिजनेस टाइकून थे, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में उनका काफी मान-सम्मान था। उनकी मृत्यु की खबर फैलते ही उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। कई व्यापारिक संगठनों ने इस पर चिंता व्यक्त की है कि यदि जांच की प्रक्रिया इतनी तनावपूर्ण हो जाए कि किसी की जान चली जाए, तो यह निवेश के माहौल के लिए घातक साबित हो सकता है। कॉन्फिडेंट ग्रुप के कर्मचारियों और उनके सहयोगियों के बीच भी इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और दुख देखा जा रहा है।
जांच के दायरे में आएंगे आयकर अधिकारी
कर्नाटक सरकार ने स्थानीय पुलिस और संबंधित जांच इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे उन सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करें जिनके कारण सीजे रॉय ने इतना बड़ा कदम उठाया। पुलिस अब उन दस्तावेजों और परिस्थितियों का विश्लेषण कर रही है जो आयकर छापेमारी के दौरान सामने आई थीं। यह भी देखा जा रहा है कि क्या विभाग ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए रॉय पर कोई अतिरिक्त मनोवैज्ञानिक दबाव डाला था। आने वाले दिनों में इस जांच की रिपोर्ट राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।
संवेदनशीलता और निष्पक्ष जांच की मांग
इस संवेदनशील मामले में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बयानबाजी का दौर भी शुरू हो चुका है। जहाँ एक तरफ राज्य सरकार इसे प्रताड़ना का मामला बता रही है, वहीं दूसरी ओर निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मृत्यु के सही कारणों और समय की पुष्टि की जा सके। शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित किया जा सके।



