FuelPriceHike – पेट्रोल-डीजल महंगा होने पर विपक्ष ने सरकार को घेरा
FuelPriceHike – देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पिछले दस दिनों में तीसरी बार ईंधन दरों में इजाफा होने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने बढ़ती महंगाई और आम लोगों पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को लेकर सवाल उठाए हैं।

शनिवार को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में फिर बढ़ोतरी की। नई दरों के अनुसार पेट्रोल करीब 87 पैसे और डीजल लगभग 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके साथ ही पिछले दस दिनों में ईंधन की कीमतों में कुल बढ़ोतरी लगभग पांच रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
कांग्रेस ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों को राहत देने के बजाय तेल कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर मध्यम वर्ग और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है।
पार्टी ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देश अपने नागरिकों को महंगाई से राहत देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि भारत में ईंधन कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। कांग्रेस ने सरकार से जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
तृणमूल कांग्रेस ने भी जताई नाराजगी
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता साकेत गोखले ने भी ईंधन दरों में वृद्धि को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बीते दस दिनों में यह तीसरी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। उनके मुताबिक हर कुछ दिनों में कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों की घरेलू अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
गोखले ने अपने बयान में कहा कि केवल सार्वजनिक छवि सुधारने वाले कदमों से स्थिति नहीं बदलेगी। उन्होंने सरकार से आर्थिक प्रबंधन और प्रशासनिक फैसलों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत बताई। विपक्ष का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई से परिवहन, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है।
दिल्ली समेत कई शहरों में नई दरें लागू
ताजा बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 99.51 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल का दाम 92.49 रुपए प्रति लीटर दर्ज किया गया। अन्य महानगरों और राज्यों में भी स्थानीय करों के आधार पर नई कीमतें लागू हुई हैं।
इससे पहले 15 मई को ईंधन कीमतों में लगभग तीन रुपए प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में 80 पैसे से अधिक की वृद्धि हुई थी। लगातार हो रही इन बढ़ोतरीों के कारण उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है।
महंगाई पर बढ़ सकती है चिंता
आर्थिक जानकारों का मानना है कि ईंधन कीमतों में वृद्धि का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों और जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले समय में महंगाई दर पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
फिलहाल सरकार की ओर से ईंधन दरों को लेकर कोई नई राहत या कर कटौती संबंधी घोषणा नहीं की गई है। वहीं विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है।