ElectionUpdate – तमिलनाडु और बंगाल चुनाव से पहले ईवीएम सुरक्षा पर सख्ती
ElectionUpdate – तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खास तौर पर ईवीएम की सुरक्षा और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

ईवीएम से छेड़छाड़ पर सख्त चेतावनी
चुनाव आयोग ने सभी पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतदान के दौरान ईवीएम मशीनों की स्थिति पर विशेष नजर रखें। आयोग के अनुसार, सभी उम्मीदवारों के नाम और बटन स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए और उन पर किसी भी तरह का टेप, गोंद या अन्य सामग्री नहीं लगाई जानी चाहिए। इसके अलावा, किसी भी बटन पर रंग, स्याही या रसायन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे मतदान की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।
गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि किसी भी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी तुरंत सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को सूचित करेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम के साथ किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप चुनावी अपराध की श्रेणी में आएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान भी कराया जा सकता है।
तमिलनाडु में व्यापक स्तर पर तैयारियां
तमिलनाडु में मतदान को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। राज्य में 75 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सभी जरूरी सुविधाओं के साथ प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की गई है। चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक केंद्र पर व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रहें ताकि मतदान प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।
निगरानी के लिए माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात
मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए हर मतदान केंद्र पर माइक्रो-ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी पूरे मतदान के दौरान गतिविधियों पर नजर रखेंगे और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। इससे पारदर्शिता बनाए रखने और संभावित विवादों को रोकने में मदद मिलेगी।
मतदाताओं की सुविधा पर विशेष ध्यान
चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को भी प्राथमिकता दी है। मतदाता पर्चियों का वितरण शुरू कर दिया गया है ताकि लोग आसानी से अपने मतदान केंद्र की जानकारी प्राप्त कर सकें। इसके अलावा, मतदान केंद्रों पर पीने का पानी, छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र, साफ-सुथरे शौचालय, पर्याप्त रोशनी और दिव्यांगों के लिए रैंप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सुविधाजनक मतदान के लिए अतिरिक्त इंतजाम
बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है, जिसमें कतार में बैठने की सुविधा भी शामिल है। हर मतदान केंद्र पर जानकारी देने वाले पोस्टर लगाए जाएंगे, जिनमें उम्मीदवारों की सूची, मतदान प्रक्रिया और आवश्यक पहचान पत्रों की जानकारी होगी। इसके साथ ही वोटर असिस्टेंस बूथ भी स्थापित किए जाएंगे, जहां लोग अपनी मतदान संबंधी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
मोबाइल फोन के लिए अलग व्यवस्था
मतदान केंद्रों के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की व्यवस्था भी की गई है। मतदाताओं को मतदान से पहले अपने फोन बंद कर जमा करने होंगे और मतदान के बाद वापस दिए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य मतदान की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखना है।
मौन अवधि लागू, मतदान की उलटी गिनती शुरू
चुनाव प्रचार समाप्त होने के साथ ही अब मौन अवधि लागू हो गई है। आयोग ने कहा है कि सभी तैयारियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो। आने वाले दिनों में मतदान के साथ ही इन व्यवस्थाओं की वास्तविक परीक्षा होगी।