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ElectionPolitics – तेलंगाना निकाय चुनाव से पहले ओवैसी ने भाजपा पर साधा तीखा निशाना

ElectionPolitics – तेलंगाना में 11 फरवरी को प्रस्तावित नगरपालिका और नगर निगम चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे प्रदेश का सियासी माहौल और अधिक गर्म होता जा रहा है। चुनावी रैलियों, जनसभाओं और बयानों का सिलसिला तेज हो चुका है। इसी कड़ी में निजामाबाद में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर कई गंभीर सवाल खड़े किए।

सीमा सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल

सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा उठाया और कहा कि उन्होंने कोविड महामारी के शुरुआती दौर में ही केंद्र सरकार को आगाह किया था कि चीन भारत की सीमा में घुसपैठ कर रहा है। उनका दावा था कि इस संबंध में सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी जानकारी दी थी कि चीनी सैनिक और टैंक लद्दाख क्षेत्र में दाखिल हो चुके थे।

ओवैसी ने कहा कि यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय और संबंधित शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस और स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्रतिक्रिया अस्पष्ट रही और सीमा पर हालात को लेकर देश को सही तस्वीर नहीं बताई गई।

रक्षा मंत्रालय और नेतृत्व पर उठाए सवाल

ओवैसी ने अपने भाषण में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री ने इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने के बजाय सेना पर ही फैसला छोड़ दिया। ओवैसी के अनुसार, सरकार को चाहिए था कि वह स्पष्ट निर्देश देकर चीनी सेना को पीछे हटाने के लिए ठोस कदम उठाती।

उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर यह आरोप भी लगाया कि वे सेना को राजनीतिक समर्थन देने और निर्णायक आदेश देने में असफल रहे। ओवैसी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर साहसिक नेतृत्व की जरूरत होती है, जो इस मामले में दिखाई नहीं दी।

टी20 वर्ल्ड कप और पाकिस्तान को लेकर बयान

अपने संबोधन के दौरान ओवैसी ने टी20 वर्ल्ड कप से जुड़े मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान की क्रिकेट टीम भारत के खिलाफ खेलने को तैयार नहीं है, तो उसे यहां आने की आवश्यकता नहीं है। ओवैसी ने इस मुद्दे पर सरकार और संबंधित अधिकारियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में भारत को स्पष्ट और सख्त रुख अपनाना चाहिए, लेकिन इसके बजाय पाकिस्तान के रुख को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। ओवैसी के अनुसार, खेल और कूटनीति दोनों में आत्मसम्मान और स्पष्ट नीति जरूरी है।

हिमंता बिस्वा सरमा के बयान पर प्रतिक्रिया

सभा के अंतिम हिस्से में ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक हालिया बयान को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऑटो चालक के धर्म के आधार पर किराया तय करने जैसी बातें समाज में गलत संदेश देती हैं। ओवैसी ने इस बयान पर तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी को दो रुपये देकर उसका सम्मान खरीदा जा सकता है, तो यह सोच ही गलत है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस तरह के बयान समाज में भेदभाव और अपमान को सामान्य बनाने की कोशिश नहीं हैं। ओवैसी ने कहा कि नेताओं की जिम्मेदारी होती है कि वे सामाजिक सौहार्द बनाए रखें, न कि ऐसे बयान दें जो समाज को बांटने का काम करें।

चुनावी माहौल में तीखे तेवर

तेलंगाना के निकाय चुनाव से पहले ओवैसी के इस भाषण को राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। सीमा सुरक्षा, राष्ट्रीय नीति, खेल कूटनीति और सामाजिक मुद्दों को एक साथ उठाकर उन्होंने केंद्र और भाजपा शासित राज्यों पर दबाव बनाने की कोशिश की है। आने वाले दिनों में चुनावी प्रचार के दौरान ऐसे बयानों की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।

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