ElectionNews – वेलाचेरी रैली में पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार पर साधा निशाना
ElectionNews – तमिलनाडु में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। एआईएडीएमके के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने चेन्नई के वेलाचेरी में आयोजित एक जनसभा के दौरान सत्तारूढ़ डीएमके सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आने वाले चुनाव में बदलाव का निर्णय लें और राज्य की दिशा को नए सिरे से तय करें।

सरकार के कामकाज पर उठाए सवाल
रैली में बोलते हुए पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार को विफल बताया। उनका कहना था कि चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने में सरकार अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में आम जनता को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ा है। उनके मुताबिक, सरकार की नीतियों का असर जमीनी स्तर पर सकारात्मक रूप से दिखाई नहीं दे रहा।
अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का किया उल्लेख
एआईएडीएमके प्रमुख ने अपने शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर थी और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करते थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार अपराध और अनियमितताओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए जानी जाती थी। पलानीस्वामी ने यह भी कहा कि प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय थी, जिससे व्यवस्था सुचारु रूप से चलती थी।
चेन्नई में जलभराव बना बड़ा मुद्दा
पलानीस्वामी ने चेन्नई में हर साल मानसून के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश के समय शहर के कई इलाके पानी में डूब जाते हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
रोजगार के वादों पर उठाए सवाल
रैली के दौरान रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। पलानीस्वामी ने कहा कि डीएमके सरकार ने सत्ता में आने से पहले लाखों नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन वास्तविकता इससे काफी अलग है। उनके अनुसार, घोषित लक्ष्यों के मुकाबले बहुत कम लोगों को रोजगार मिल पाया है। उन्होंने इसे युवाओं के साथ किया गया अधूरा वादा बताया और कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए ठोस नीति की जरूरत है।
विकास परियोजनाओं की कमी का आरोप
पलानीस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि 2021 से 2026 के बीच चेन्नई और वेलाचेरी जैसे क्षेत्रों में कोई बड़ा विकास कार्य सामने नहीं आया। उनका कहना था कि शहरी ढांचे को मजबूत करने और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए योजनाओं की कमी साफ दिखाई देती है। उन्होंने इसे सरकार की प्राथमिकताओं में असंतुलन का संकेत बताया।
चुनावी माहौल में तेज हो रही बयानबाजी
तमिलनाडु में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है। विभिन्न पार्टियां अपने-अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और विरोधियों की कमियों को जनता के सामने रख रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में चुनावी प्रचार और भी तेज होने की संभावना है।



