ElectionHeat – केरल चुनाव में बढ़ती गर्मी से प्रचार रणनीति में बदलाव
ElectionHeat – केरल में 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव से पहले मौसम की तपिश ने राजनीतिक गतिविधियों की रफ्तार पर असर डालना शुरू कर दिया है। राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और उमस ने चुनाव प्रचार को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। भारतीय मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में गर्म और आर्द्र परिस्थितियों के बने रहने की चेतावनी दी है। ऐसे हालात में उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को अपनी दिनचर्या और प्रचार के तरीके बदलने पड़े हैं, ताकि स्वास्थ्य पर असर डाले बिना मतदाताओं तक पहुंच बनाई जा सके।

मौसम के अनुसार बदला जा रहा प्रचार का समय
भीषण गर्मी को देखते हुए राजनीतिक दलों ने अपने प्रचार कार्यक्रमों को नए तरीके से व्यवस्थित किया है। अब सुबह और शाम के समय को मुख्य प्रचार गतिविधियों के लिए चुना जा रहा है, जबकि दोपहर के समय हल्की गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है। कई उम्मीदवार सुबह जल्दी प्रचार शुरू कर देते हैं और तेज धूप से पहले ही खुले कार्यक्रम खत्म कर लेते हैं। इसके बाद दोपहर में घर-घर संपर्क और छोटी बैठकों के जरिए मतदाताओं से जुड़ाव बनाए रखा जा रहा है।
भाजपा उम्मीदवार ने साझा किया अपना अनुभव
कोझिकोड उत्तर से भाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास ने बताया कि उनकी टीम ने मौसम को ध्यान में रखते हुए पूरा शेड्यूल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि सुबह सात बजे से अभियान शुरू कर दस बजे तक बाहरी कार्यक्रम पूरे कर लिए जाते हैं। इसके बाद दोपहर के समय घर-घर संपर्क और स्थानीय लोगों से मुलाकात की जाती है। शाम को तापमान कम होने पर फिर से जनसभाएं, रोड शो और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
कांग्रेस उम्मीदवार भी अपना रही हैं अलग रणनीति
त्रिक्काकारा सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार उमा थॉमस ने भी स्वीकार किया कि मौसम के कारण प्रचार के तौर-तरीकों में बदलाव जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि दोपहर के समय वह बैठकों और सीमित दायरे में बातचीत पर ध्यान देती हैं, जबकि सुबह और शाम के समय ज्यादा सक्रिय प्रचार किया जाता है। उनके अनुसार, चुनाव की अवधि कम होने के कारण कार्यक्रम काफी व्यस्त हैं, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं का सहयोग अभियान को गति दे रहा है।
अन्य दलों ने भी अपनाई लचीली रणनीति
राज्य के अन्य उम्मीदवार भी इसी तरह की रणनीति अपना रहे हैं। चेरथला से सीपीआई के उम्मीदवार पी प्रसाद ने कहा कि गर्मियों में चुनाव होने पर कार्यक्रमों में लचीलापन लाना जरूरी हो जाता है। उन्होंने बताया कि दोपहर के समय लंबी रैलियों से बचा जा रहा है और छोटे स्तर पर संवाद को प्राथमिकता दी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी चुनावी गतिविधियों में शामिल लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कोच्चि स्थित एक अस्पताल की वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ अनीता कुरियाकोस ने कहा कि लगातार बाहर रहने वाले लोगों को शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। उन्होंने दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्का और संतुलित भोजन लेने तथा अधिक पानी वाले फलों का सेवन करने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने जंक फूड से बचने और समय पर भोजन करने पर भी जोर दिया है।



