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DMK vs BJP Dispute: केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने डीएमके सरकार को घेरा, कहा- ईश्वर के साथ खिलवाड़…

DMK vs BJP Dispute: तमिलनाडु की सियासत में इन दिनों धर्म और संविधान को लेकर घमासान मचा हुआ है। केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने मंगलवार को राज्य की सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और भारतीय संविधान के अपमान का आरोप लगाया। विवाद की मुख्य जड़ कार्तिगई दीपम के अवसर पर तिरुप्परनकुंड्रम पहाड़ी पर दीपक जलाने की अनुमति न देना है। मुरुगन के अनुसार, राज्य सरकार ने (Religious Freedom and Worship) के मौलिक अधिकार का हनन किया है, जिससे राज्य भर के श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।

DMK vs BJP Dispute
DMK vs BJP Dispute

भक्तों को रोकने और सीआईएसएफ कर्मियों की वापसी पर सवाल

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार ने न केवल आम भक्तों को भगवान मुरुगन की पूजा करने से रोका, बल्कि सुरक्षा के लिए तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के कर्मियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ के उन जवानों को भी वापस भेज दिया गया जो भक्तों के साथ तिरुप्परनकुंड्रम पहाड़ी की चोटी पर दीप प्रज्वलित करने गए थे। मुरुगन के अनुसार, यह (Government Interference in Rituals) का एक गंभीर उदाहरण है, जहां प्रशासनिक शक्ति का उपयोग धार्मिक परंपराओं को बाधित करने के लिए किया गया।

डॉ. अंबेडकर और संविधान का हवाला देकर घेरा

पत्रकारों से बातचीत करते हुए सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को व्यक्तिगत पूजा का अधिकार देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि (Fundamental Rights under Indian Constitution) के निर्माता डॉ. अंबेडकर ने भी धार्मिक स्वतंत्रता का पुरजोर समर्थन किया था। मंत्री ने सवाल उठाया कि डीएमके सरकार के पास भक्तों को उनकी आस्था का पालन करने से रोकने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है, और ऐसा करके वे सीधे तौर पर संवैधानिक मूल्यों को कुचल रहे हैं।

हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना और महाभियोग की धमकी

एल मुरुगन ने मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के फैसले का जिक्र करते हुए डीएमके सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एकल न्यायाधीश ने पहाड़ी पर दीप जलाने की अनुमति दी थी, लेकिन सरकार ने उसे लागू करने के बजाय आदेश को चुनौती दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि (Judicial System vs State Government) के इस संघर्ष में डीएमके ने फैसला सुनाने वाले न्यायमूर्ति जी आर स्वामीनाथन पर महाभियोग चलाने तक की कोशिश की, जो न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर एक बड़ा प्रहार है।

विधानसभा चुनाव और ‘दैवीय न्याय’ की चेतावनी

अगले वर्ष होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए मुरुगन ने भविष्यवाणी की कि डीएमके के शासन का अंत अब निकट है। उन्होंने कहा कि भगवान मुरुगन इस अराजकता और अत्याचार के साक्षी हैं और चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाएगी। मंत्री ने दावा किया कि (Political Accountability in Tamil Nadu) का समय आ गया है और भक्त इस अपमान को नहीं भूलेंगे। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार की नीतियां उन्हें विनाश की ओर ले जा रही हैं।

मुख्यमंत्री स्टालिन के लिए ‘सद्बुद्धि’ की प्रार्थना

तिरुप्परनकुंड्रम स्थित अरुलमिघू सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में दर्शन के बाद मुरुगन ने एक भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ईश्वर से मुख्यमंत्री एम के स्टालिन को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की है। मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि (History of Religious Disputes) गवाह है कि जिन्होंने भी ईश्वर और भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया, वे कभी सफल नहीं हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि दीप जलाना भक्तों की वर्षों पुरानी इच्छा है, जिसे दबाया नहीं जा सकता।

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