Delhi Bus Fire – विकासपुरी मछली मार्केट में निजी बस जलकर खाक, हेल्पर की मौत
Delhi Bus Fire – रविवार देर रात पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी स्थित मछली मार्केट क्षेत्र में खड़ी एक निजी बस में अचानक आग भड़क उठी, जिससे पूरा इलाका अफरातफरी की चपेट में आ गया। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में बस पूरी तरह लपटों में घिर गई। स्थानीय लोगों ने धुआं उठता देखा और तुरंत दमकल विभाग व पुलिस को सूचना दी। राहत एवं बचाव दल के मौके पर पहुंचने तक बस के भीतर मौजूद हेल्पर गंभीर रूप से झुलस चुका था, जिसे बाद में मृत अवस्था में पाया गया।

रात का घटनाक्रम और दमकल की त्वरित कार्रवाई
दमकल नियंत्रण कक्ष के अनुसार, रात करीब 12 बजकर 33 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी। कॉल मिलते ही दो फायर टेंडर तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना किए गए। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले बाजार के बावजूद दमकलकर्मियों ने तेजी से मोर्चा संभाला। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बस का अधिकांश हिस्सा जलकर नष्ट हो चुका था। बुझाने के बाद जब टीम ने अंदर तलाशी ली, तो सीटों के पास एक जला हुआ शव मिला, जो बाद में बस के हेल्पर का निकला।
मृतक की पहचान और परिवार की सूचना
जांच में मृतक की पहचान 25 वर्षीय सुनील शर्मा के रूप में हुई, जो उसी निजी बस में हेल्पर का काम करता था। पुलिस ने घटनास्थल पर प्राथमिक पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि सुनील के परिवार को सूचना दे दी गई है और उनके बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। परिजनों के लिए यह खबर किसी सदमे से कम नहीं थी, क्योंकि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि रात की ड्यूटी इस तरह की त्रासदी में बदल जाएगी।
आग लगने के संभावित कारणों की पड़ताल
फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कुछ लोगों ने बस से पहले धुआं निकलते देखा था और उसके तुरंत बाद आग भड़क उठी। पुलिस और दमकल विभाग संयुक्त रूप से यह जांच कर रहे हैं कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, ईंधन रिसाव से फैली या किसी अन्य वजह से हुई। फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है ताकि तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा सकें।
इलाके में सुरक्षा और पार्किंग पर सवाल
यह घटना विकासपुरी जैसे घनी आबादी वाले इलाके में वाहन पार्किंग और अग्नि सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। मछली मार्केट के आसपास अक्सर बड़ी संख्या में वाहन खड़े रहते हैं, जिससे आपात स्थिति में राहत कार्य में दिक्कत आती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय यहां बसें और ट्रक लंबे समय तक खड़े रहते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों पर शायद ही ध्यान दिया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसे रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और सख्त नियम जरूरी हैं।
पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। बस मालिक और चालक से भी पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि वाहन में कोई तकनीकी खामी थी या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों पर भी स्पष्टता मिलेगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से की जाएगी।



