Death of Toddler in Malappuram: केरल के मलप्पुरम में पत्थर निगलने के कारण एक साल के बच्चे की हुई दर्दनाक मौत
Death of Toddler in Malappuram: केरल के मलप्पुरम जिले के चांगारामकुलम से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां एक साल के मासूम की लापरवाही का शिकार होने से मौत हो गई। घर के आंगन में अपनी धुन में खेल रहे बच्चे ने अनजाने में जमीन पर पड़ा एक पत्थर उठा लिया। उस नन्हे बालक को इस बात का अंदाजा (Accidental Choking) नहीं था कि यह खेल उसकी जिंदगी का आखिरी खेल साबित होगा। जैसे ही उसने पत्थर निगला, वह उसके गले में जाकर फंस गया, जिससे उसकी स्थिति बिगड़ने लगी।

अस्पताल ले जाते समय पल-पल लड़ता रहा मासूम
मृतक बच्चे की पहचान महरूफ और रुमाना के बेटे असलम नूह के रूप में हुई है। रविवार की शाम जब असलम आंगन में खेल रहा था, तभी उसने एक कंकड़ निगल लिया। परिजनों ने जब देखा कि बच्चे को सांस लेने में (Respiratory Distress) भारी तकलीफ हो रही है और उसका शरीर नीला पड़ रहा है, तो घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजन उसे पास के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां कोई सुधार न होते देख डॉक्टरों ने उसे कोट्टक्कल के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी नहीं बचाई जा सकी जान
कोट्टक्कल के अस्पताल में भर्ती कराने के बाद विशेषज्ञों की टीम ने बच्चे को बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन पत्थर गले के श्वसन मार्ग में इस कदर फंस गया था कि हवा का प्रवाह पूरी तरह (Emergency Medical Care) बाधित हो गया। रात के समय उपचार के दौरान ही मासूम ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
दम घुटने को बताया गया मौत का प्रारंभिक कारण
अस्पताल प्रशासन और पुलिस की शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बच्चे की मृत्यु गले में पत्थर फंसने के कारण ऑक्सीजन की कमी से हुई है। चांगारामकुलम थाने के अधिकारियों ने बताया कि यह एक (Suffocation Death) दुखद दुर्घटना थी। बच्चे की कम उम्र और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने फिलहाल कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मासूम का शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
परिजनों को सौंपा गया शव और अंतिम संस्कार की तैयारी
इस दर्दनाक हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। आज मासूम असलम नूह का अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसके लिए पूरे गांव के लोग एकत्रित हो रहे हैं। पुलिस ने (Post-Mortem Investigation) प्रारंभिक जांच के बाद इसे पूरी तरह से एक घरेलू दुर्घटना माना है। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों के आसपास ऐसी कोई भी छोटी वस्तु नहीं होनी चाहिए जिसे वे निगल सकें, क्योंकि जरा सी चूक एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे सकती है।



