CTETExam – परीक्षा केंद्र पर देरी से प्रश्नपत्र पहुंचने पर अभ्यर्थियों का विरोध
CTETExam – सुबह से हाथ में एडमिट कार्ड और मन में परीक्षा को लेकर उम्मीदें संजोए अभ्यर्थी समय से परीक्षा केंद्र पहुंचे थे, लेकिन लंबा इंतजार उनके धैर्य पर भारी पड़ गया। एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में जब निर्धारित समय तक प्रश्नपत्र नहीं पहुंचा, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। देखते ही देखते परीक्षा केंद्र के बाहर नाराजगी बढ़ी और स्थिति हंगामे में बदल गई।

वैशाली में CTET केंद्र पर अव्यवस्था का आरोप
बिहार के वैशाली जिले में CTET परीक्षा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तय समय पर प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाया। वैशाली प्रखंड स्थित सेंट जॉन्स एकेडमी में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की शुरुआत सुबह 9:30 बजे निर्धारित थी। हालांकि, अभ्यर्थी करीब दो घंटे तक इंतजार करते रहे और 11 बजे तक भी परीक्षा शुरू नहीं हो सकी।
लंबे इंतजार से टूटा परीक्षार्थियों का सब्र
लगातार हो रही देरी और किसी भी तरह की स्पष्ट सूचना न मिलने से अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ता गया। परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर दोनों जगह विरोध देखने को मिला। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि वे तय समय से पहले केंद्र पर पहुंच गए थे, इसके बावजूद व्यवस्थाएं पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहीं। न तो देरी की वजह बताई गई और न ही यह स्पष्ट किया गया कि परीक्षा कब शुरू होगी।
मानसिक दबाव और परीक्षा माहौल पर असर
परीक्षार्थियों का कहना था कि इतनी अहम परीक्षा में इस तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि लंबे इंतजार के कारण मानसिक तनाव बढ़ गया, जिसका सीधा असर परीक्षा की तैयारी और एकाग्रता पर पड़ा। कुछ उम्मीदवारों ने यह भी कहा कि परीक्षा का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया, जिससे निष्पक्ष परीक्षा की भावना को ठेस पहुंची।
दो दिवसीय CTET परीक्षा का शेड्यूल
गौरतलब है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 का आयोजन 7 और 8 फरवरी को किया जा रहा है। इन दोनों दिनों में पेपर-1 और पेपर-2 की परीक्षाएं निर्धारित हैं। 7 फरवरी को पेपर-2 की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित की जा रही है, जबकि पेपर-1 दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक होना है। 8 फरवरी को भी यही समय सारिणी लागू रहेगी।
परीक्षा अवधि और प्रवेश से जुड़े निर्देश
प्रत्येक पेपर की अवधि ढाई घंटे तय की गई है। बोर्ड की ओर से सभी अभ्यर्थियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी परीक्षा की तारीख और समय की जानकारी केवल एडमिट कार्ड में दर्ज विवरण के आधार पर ही सुनिश्चित करें। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।
परीक्षा शुरू होने के बाद प्रवेश नहीं
सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि एडमिट कार्ड पर दर्ज विवरण के अनुसार अभ्यर्थियों की पहचान की सख्ती से जांच की जाए। विशेष रूप से मां के नाम का मिलान अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।
व्यवस्था पर उठे सवाल
वैशाली की घटना ने परीक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में समय प्रबंधन और समन्वय बेहद जरूरी होता है। ऐसे में प्रश्नपत्र पहुंचने में देरी जैसी घटनाएं न केवल छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि परीक्षा की विश्वसनीयता पर भी असर डालती हैं।



