Congress Statement: मोदी पर इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप, कांग्रेस का तीखा राजनीतिक पलटवार
Congress Statement: कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए उन पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि मौजूदा सरकार न केवल स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े तथ्यों को नजरअंदाज कर रही है, बल्कि राष्ट्रगान और वंदे मातरम जैसे संवेदनशील विषयों के इतिहास के साथ भी छेड़छाड़ की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के अनुसार, संसद में हाल ही में हुई चर्चाओं के दौरान यह प्रवृत्ति खुलकर सामने आई है।

जयराम रमेश के बयान से गरमाई सियासत
कांग्रेस के संचार प्रभारी और महासचिव जयराम रमेश ने Social Media Platform पर साझा किए गए एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी सरकार योजनाबद्ध तरीके से महात्मा गांधी की स्मृतियों और विरासत को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। जयराम रमेश के मुताबिक यह केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि देश के ऐतिहासिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
राष्ट्रगान और टैगोर के अपमान का आरोप
जयराम रमेश ने दावा किया कि बीते महीने संसद में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत पर हुई चर्चा के दौरान कई तथ्यात्मक पहलुओं को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बहस के दौरान गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की भूमिका को कमतर दिखाने का प्रयास किया गया, जो कि भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस का संदर्भ क्यों छोड़ा गया
कांग्रेस नेता ने 23 जनवरी 2026 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जानबूझकर नेताजी की उस ऐतिहासिक भूमिका का जिक्र नहीं किया, जिसमें उन्होंने 1937 में वंदे मातरम की पंक्तियों को लेकर उठे विवाद को सुलझाने में अहम योगदान दिया था। जयराम रमेश के अनुसार, यह चूक नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
फ्री इंडिया सेंटर और जन गण मन का ऐतिहासिक तथ्य
अपने बयान में जयराम रमेश ने नेताजी के परपोते और इतिहासकार सुगत बोस के लेखन का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 2 नवंबर 1942 को बर्लिन में Free India Center का उद्घाटन किया था और उस अवसर पर राष्ट्रगान के रूप में जन गण मन गाया गया था। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्यों को नजरअंदाज करना इतिहास के साथ अन्याय है।
महात्मा गांधी और राष्ट्रपिता का संबोधन
जयराम रमेश ने यह भी याद दिलाया कि 6 जुलाई 1944 को सिंगापुर से प्रसारित अपने संदेश में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पहली बार महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया था। कांग्रेस का आरोप है कि वर्तमान सरकार महात्मा गांधी की इस ऐतिहासिक भूमिका को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिसका उदाहरण मनरेगा कानून को समाप्त करने जैसे कदमों में देखा जा सकता है।
इतिहास को तोड़-मरोड़ने का आरोप
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतिहास को अपने राजनीतिक एजेंडे के अनुसार प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उनका दावा है कि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कई प्रसंगों को चुनिंदा तरीके से सामने रखा जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी को अधूरी या गलत जानकारी मिल सकती है।
संसद की बहस और सियासी टकराव
गौरतलब है कि बीते महीने संसद के शीतकालीन सत्र में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष चर्चा हुई थी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को देखते हुए वंदे मातरम को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है।
भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप
कांग्रेस ने भाजपा पर वंदे मातरम के नाम पर राजनीति करने और इतिहास को नए सिरे से लिखने की कोशिश करने का आरोप लगाया। वहीं, सत्तापक्ष ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर Appeasement Politics करने और राष्ट्रीय भावनाओं का सम्मान न करने का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच टकराव अभी और गहराने के संकेत दे रहा है।



