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CarbonMonoxide – सूरजपुर में सिगड़ी से दम घुटने से तीन की मौत

CarbonMonoxide – छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां ठंड से राहत पाने की कोशिश एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हो गई। कोतवाली थाना क्षेत्र के चंद्रपुर गांव में कमरे के भीतर जलाई गई कोयले की सिगड़ी से निकली जहरीली गैस के कारण पति, पत्नी और उनकी तीन साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना देर रात की बताई जा रही है, जब पूरा परिवार सो रहा था और किसी को भी आसन्न खतरे का अंदाजा नहीं था।

बंद कमरे में फैल गई जहरीली गैस

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सर्दी से बचाव के लिए परिवार ने कमरे के भीतर सिगड़ी जलाई थी। आशंका है कि कोयले के जलने से उत्पन्न कार्बन मोनोऑक्साइड गैस कमरे में धीरे-धीरे भरती चली गई। कमरे में पर्याप्त हवा के आवागमन की व्यवस्था नहीं होने के कारण यह गैस बाहर नहीं निकल सकी। रंगहीन और गंधहीन होने के कारण परिवार को किसी प्रकार की असहजता का समय रहते आभास नहीं हुआ और नींद के दौरान ही दम घुटने से उनकी जान चली गई।

सुबह खुलासा, गांव में पसरा सन्नाटा

बताया जा रहा है कि सुबह काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुलने पर पड़ोसियों को शंका हुई। जब अंदर जाकर देखा गया तो तीनों सदस्य अचेत अवस्था में मिले। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। इस अप्रत्याशित घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजन और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं।

कार्बन मोनोऑक्साइड: अदृश्य लेकिन घातक खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, कोयले या लकड़ी के अधजले धुएं से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बेहद खतरनाक होती है। यह गैस बिना रंग और गंध की होती है, इसलिए सामान्य तौर पर इसका पता नहीं चल पाता। जब यह शरीर में प्रवेश करती है तो रक्त में ऑक्सीजन के प्रवाह को बाधित कर देती है। परिणामस्वरूप व्यक्ति को चक्कर, घबराहट और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। अधिक मात्रा में गैस शरीर में पहुंचने पर व्यक्ति बेहोश हो सकता है और समय रहते उपचार न मिलने पर मौत भी हो सकती है।

सर्दी में सावधानी की जरूरत

ग्रामीण इलाकों में सर्द मौसम के दौरान सिगड़ी या अंगीठी का इस्तेमाल आम बात है। लेकिन बंद कमरे में इन्हें जलाकर सोना अत्यंत जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि घर के भीतर आग जलानी ही पड़े तो पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित किया जाए। दरवाजे या खिड़कियां थोड़ी खुली रखें ताकि ताजी हवा का प्रवाह बना रहे। इसके अलावा, सोते समय सिगड़ी बुझा देना ही सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

पुलिस जांच और प्रशासन की अपील

पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में दम घुटने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सर्दियों में आग जलाते समय विशेष सतर्कता बरतें और बंद कमरों में कोयले की सिगड़ी या अंगीठी का उपयोग न करें।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ठंड से बचाव जरूरी है, लेकिन सुरक्षा के साथ।

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