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AviationCrisis – मध्य एशिया तनाव से दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित

AviationCrisis – मध्य एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारत के विमानन क्षेत्र पर भी साफ दिखाई देने लगा है। रविवार को दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट परिसर में भीड़ का दबाव बढ़ गया और कई लोग वैकल्पिक यात्रा विकल्प तलाशते नजर आए। एयरलाइंस कंपनियों ने हालात को देखते हुए यात्रियों को पहले से संदेश भेजकर उड़ानों की स्थिति की जानकारी दी, ताकि अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके।

उड़ानों की बड़े पैमाने पर रद्दीकरण

रविवार शाम तक लगभग 100 उड़ानें निरस्त की जा चुकी थीं। इनमें 62 आगमन और 42 प्रस्थान की उड़ानें शामिल थीं। अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर परिचालन प्रभावित होने के कारण कुछ घरेलू उड़ानों पर भी असर पड़ा। हवाई क्षेत्र में अस्थायी प्रतिबंध और सुरक्षा कारणों से कई विमानों को तय मार्ग बदलकर उड़ान भरनी पड़ी या उन्हें स्थगित करना पड़ा।

एयरपोर्ट पर टिकट काउंटरों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। कई यात्री अपनी यात्रा को स्थगित करने या अन्य मार्गों से जाने के विकल्प पर विचार करते दिखाई दिए।

दुबई और पश्चिम एशिया में भारतीयों की स्थिति

तनावपूर्ण हालात के बीच दुबई में भारतीय नागरिकों के फंसे होने की खबरें भी सामने आई हैं। पुणे के एक शैक्षणिक संस्थान के 84 छात्र, जो अध्ययन भ्रमण पर गए थे, अस्थायी रूप से वहीं रुकने को मजबूर हुए। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

ईरान में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक रहते, पढ़ते या काम करते हैं, जबकि इजरायल में 40 हजार से अधिक भारतीय मूल के लोग निवास करते हैं। खाड़ी और पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में भारतीय समुदाय की संख्या लगभग 90 लाख आंकी जाती है। ऐसे में क्षेत्रीय अस्थिरता का प्रभाव बड़ी संख्या में भारतीयों पर पड़ सकता है।

यूरोप और उत्तरी अमेरिका की उड़ानों पर असर

संकट का असर केवल खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है। यूरोप जाने वाली कई उड़ानें भी रद्द की गई हैं। एयर इंडिया ने जानकारी दी है कि कुछ विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अस्थायी रूप से निरस्त रहेंगी, जबकि अन्य को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा।

कंपनी के अनुसार उत्तरी अमेरिका और यूरोप के लिए सीमित संख्या में उड़ानें ही रद्द रहेंगी, शेष को उपलब्ध हवाई मार्गों से संचालित करने की तैयारी है। हालांकि संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इजरायल और कतर के लिए निर्धारित सभी उड़ानें सोमवार रात तक रद्द रखने का निर्णय लिया गया है।

कुछ विशिष्ट उड़ानों के संचालन पर भी रोक लगाई गई है, जिनमें अमृतसर-बर्मिंघम, दिल्ली-ज्यूरिख और दिल्ली-कोपेनहेगन मार्ग की उड़ानें शामिल हैं। संबंधित यात्रियों को अग्रिम सूचना भेजी जा चुकी है।

इंडिगो और अन्य कंपनियों की व्यवस्था

विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने भी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द की हैं। रविवार को उसकी 166 उड़ानें प्रभावित रहीं, जबकि अगले दो दिनों के लिए भी कई उड़ानों के निरस्त रहने की जानकारी दी गई है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि 28 फरवरी तक बुक किए गए और 5 मार्च तक की यात्रा वाले टिकटों को रद्द या पुनर्निर्धारित करने पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक क्षेत्र में हालात सामान्य नहीं होते, तब तक अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं पर दबाव बना रह सकता है। एयरलाइंस और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी उड़ान की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें।

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