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ArvindKejriwal – तमिलनाडु में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा पर हुआ तीखा हमला

ArvindKejriwal – दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तमिलनाडु दौरे के दौरान डीएमके के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता भाजपा की राजनीति को स्वीकार नहीं करती और यही वजह है कि पार्टी अब तक यहां मजबूत आधार नहीं बना सकी है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि तमिलनाडु की राजनीतिक संस्कृति और सोच अलग है, जहां विभाजनकारी राजनीति के लिए ज्यादा जगह नहीं है।

भाजपा और एआईएडीएमके गठबंधन पर सवाल

केजरीवाल ने भाजपा और एआईएडीएमके के गठबंधन को लेकर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि भले ही यह गठबंधन औपचारिक रूप से मौजूद है, लेकिन एआईएडीएमके पर भाजपा का प्रभाव साफ दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को एक भी सीट मिलती है, तो भाजपा राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी, जैसा अन्य राज्यों में देखा गया है।

मतदाताओं को सतर्क रहने की अपील

आम आदमी पार्टी के नेता ने लोगों से भाजपा, एनडीए और एआईएडीएमके के प्रति सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि एनडीए केवल एक गठबंधन का नाम है, जबकि इसका वास्तविक संचालन भाजपा के हाथ में रहता है। उनके अनुसार, मतदाताओं को यह समझना जरूरी है कि उनके वोट का असर राज्य की नीतियों और दिशा पर पड़ेगा।

दिल्ली सरकार का उदाहरण देकर उठाए सवाल

केजरीवाल ने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा को समर्थन मिलने के बाद लोगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसे क्षेत्रों में पहले किए गए कार्य प्रभावित हुए। उनका कहना था कि सरकार बदलने का असर सीधे आम लोगों की सुविधाओं पर पड़ता है।

डीएमके सरकार के कार्यों का जिक्र

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने डीएमके सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। केजरीवाल ने कहा कि यदि राज्य में मौजूदा योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों को जारी रखना है, तो मतदाताओं को सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने डीएमके के कामकाज को सकारात्मक बताते हुए समर्थन की अपील की।

परिसीमन प्रस्ताव पर जताई आपत्ति

केजरीवाल ने परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव का भी विरोध किया। उनका कहना था कि इस मुद्दे पर कई दल एकजुट हैं और इसे लोकतांत्रिक संतुलन के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे दक्षिणी राज्यों की राजनीतिक हिस्सेदारी पर असर पड़ सकता है।

एमके स्टालिन की तारीफ और भाजपा पर टिप्पणी

उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि जो भी नेता अच्छा काम करता है, उसका समर्थन होना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को तमिलनाडु में ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यहां उसकी उपस्थिति सीमित है।

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