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Temple Visit Guidelines: नए साल की दहलीज पर उमड़ा भक्ति का महाकुंभ, इन बातों का रखें ख्याल…

Temple Visit Guidelines: नए साल का स्वागत करने के लिए समूचा देश भक्ति और आस्था के सैलाब में डूबा हुआ नजर आ रहा है। कश्मीर के कटरा से लेकर कन्याकुमारी के रामेश्वरम तक, हर देवस्थान भक्तों की जयकारों से गूंज उठा है। नए साल के पहले सूर्य की पहली किरण भगवान के चरणों में अर्पित करने की चाहत में लाखों श्रद्धालु (Devotional Tourism) के केंद्र बने प्रसिद्ध मंदिरों की ओर रुख कर रहे हैं। मंदिरों के बाहर आस्था की लंबी कतारें लगी हैं और आलम यह है कि कई जगहों पर तिल रखने की भी जगह शेष नहीं बची है।

Temple Visit Guidelines
Temple Visit Guidelines

शिरडी में साईं की विशेष कृपा और रातभर खुले रहेंगे बाबा के द्वार

साईं बाबा के भक्तों के लिए नए साल का स्वागत बेहद खास होने वाला है क्योंकि शिरडी संस्थान ने एक बड़ा और सुखद निर्णय लिया है। 31 दिसंबर की पूरी रात शिरडी का साईं मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा ताकि हर भक्त बाबा की दिव्य झलक पा सके। (Pilgrimage Management) के तहत शिरडी संस्थान ने विशेष तैयारियां की हैं, जिससे रात के अंधेरे में भी भक्तों को दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यह फैसला उन हजारों लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो साल के अंतिम क्षण बाबा के चरणों में बिताना चाहते हैं।


वृंदावन में बांके बिहारी के दर्शन को तरसते भक्त और प्रशासन की बेबसी

वृंदावन में स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जहां बांके बिहारी के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ ने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। मंदिर प्रबंधन ने अब हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे फिलहाल वृंदावन आने का अपना कार्यक्रम टाल दें। (Crowd Control Measures) की कमी और होटलों के पूरी तरह फुल होने के कारण भक्तों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हर रोज करीब 4 से 5 लाख लोग मथुरा-वृंदावन पहुंच रहे हैं और प्रशासन को डर है कि 1 जनवरी को यह संख्या कहीं अनियंत्रित न हो जाए।


बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में स्पर्श दर्शन पर लगा कड़ा पहरा

वाराणसी की गलियां इन दिनों ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गुंजायमान हैं और बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने वालों का तांता लगा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए मंदिर प्रशासन ने 2 जनवरी तक ‘स्पर्श दर्शन’ पर पूरी तरह रोक लगा दी है। (Temple Safety Protocol) को ध्यान में रखते हुए मंदिर के चारों प्रवेश द्वारों को अलग-अलग जोन में बांट दिया गया है। काशी में हर दिन 3 से 4 लाख लोग पहुंच रहे हैं, जिनकी निगरानी के लिए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।


रामलला के दरबार में ऑनलाइन पास खत्म और हनुमानगढ़ी में उमड़ा जनसैलाब

अयोध्या की पावन धरती पर रामलला के भव्य मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों का उत्साह सातवें आसमान पर है। आरती और विशेष दर्शन के लिए जारी होने वाले सभी ऑनलाइन पास पूरी तरह बुक हो चुके हैं, जिससे अब केवल सामान्य कतार ही एकमात्र विकल्प बची है। (Spiritual Destination) के रूप में उभरी अयोध्या में रोजाना 1 लाख से अधिक भक्त पहुंच रहे हैं और प्रशासन का अनुमान है कि नए साल पर यह आंकड़ा 2 लाख को पार कर जाएगा। सुरक्षा के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है ताकि हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि परिसर में व्यवस्था बनी रहे।


वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की नई एडवाइजरी और यात्रियों के लिए समय सीमा

माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा पहुंचने वाले यात्रियों के लिए श्राइन बोर्ड ने कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब भक्तों को आरएफआईडी (RFID) कार्ड मिलने के मात्र 10 घंटे के भीतर अपनी चढ़ाई शुरू करनी होगी, अन्यथा कार्ड अमान्य हो जाएगा। (Yatra Guidelines) के अनुसार, दर्शन करने के बाद 24 घंटे के भीतर यात्रियों को वापस बेस कैंप ककरयाल या कटरा लौटना अनिवार्य है। दर्शन के समय में भी फेरबदल किया गया है ताकि भीड़ को दो हिस्सों में बांटकर संभाला जा सके और किसी भी प्रकार की भगदड़ की स्थिति पैदा न हो।


महाकाल और खाटूश्याम में वीआईपी दर्शन पर लगी पूर्ण पाबंदी

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर और राजस्थान के खाटूश्याम जी में भी नए साल को लेकर विशेष एहतियात बरते जा रहे हैं। महाकाल मंदिर में प्रसिद्ध भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग फिलहाल बंद कर दी गई है ताकि आम भक्तों को दर्शन का अधिक समय मिल सके। (VVIP Culture) को दरकिनार करते हुए खाटूश्याम मंदिर में 2 जनवरी तक वीआईपी दर्शन की सुविधा पूरी तरह बंद रहेगी। इन कड़े फैसलों का मुख्य उद्देश्य केवल यही है कि कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति को भी भगवान के दर्शन बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सकें।


सुरक्षा चक्र में बंधे मंदिर और श्रद्धालुओं के लिए विशेष हिदायत

देश के तमाम बड़े मंदिरों में इस समय हाई अलर्ट है और पुलिस प्रशासन ड्रोन व अन्य आधुनिक तकनीकों से भीड़ पर नजर रख रहा है। बुजुर्गों और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। (Public Safety Administration) ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और मंदिरों द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन करें। नए साल का यह उत्सव शांति और भक्ति के साथ संपन्न हो, इसके लिए देश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

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